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झारखंड कर्मचारी ब्रेकिंग: कर्मचारियों की रिटायरमेंट ऐज झारखंड सरकार क्या बढ़ाने जा रही है? विधानसभा में वित्त मंत्री ने दे दी स्पष्ट जानकारी, जानिये कर्मचारियों को लेकर क्या कहा…

Jharkhand Employees Breaking News: Is the Jharkhand government going to increase the retirement age of employees? The Finance Minister gave clear information in the Assembly. Find out what he said about the employees...

झारखंड में सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की चर्चाओं पर सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाया है। विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने एक सवाल के जवाब में रिटायरमेंट की सीमा बढ़ाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। आज विधानसभा में सदन में रोजगार, आउटसोर्सिंग, पुलिस ओपी और बैकलॉग नियुक्तियों जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।
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रांची/21.2.26। झारखंड की राजनीति में लंबे समय से चल रही सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की अटकलें खत्म हो गयी है। हेमंत सरकार ने साफ कर दिया है कि वो कर्मचारियों की रिटायरमेंट ऐज बढ़ाने जा रही है या नहीं…। झारखंड विधानसभा झारखंड विधानसभा में सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर राधा कृष्ण किशोर ने सदन में इस विषय पर सरकार की स्थिति साफ करते हुए कहा कि सरकार के पास सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने से संबंधित कोई प्रस्ताव नहीं है। उनके इस बयान के साथ ही कर्मचारियों के बीच चल रही चर्चाओं और उम्मीदों पर विराम लग गया।

सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की उठी मांग

सदन में विधायक जनार्दन पासवान जनार्दन पासवान ने राज्य में बड़ी संख्या में रिक्त पदों का हवाला देते हुए कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने की मांग रखी। उन्होंने तर्क दिया कि अनुभवी कर्मचारियों की सेवाएं अधिक समय तक लेने से प्रशासनिक कार्यों में स्थिरता बनी रह सकती है।

हालांकि सरकार ने इस प्रस्ताव को तत्काल स्वीकारने से इनकार कर दिया। जवाब में मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य रिक्त पदों पर शिक्षित और कुशल युवाओं को अवसर प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार देने की दिशा में काम कर रही है।

युवाओं को प्राथमिकता देने पर जोर

मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने दोहराया कि राज्य में युवाओं की बड़ी आबादी को देखते हुए रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने के बजाय नई नियुक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

आउटसोर्स कर्मियों के वेतन पर सरकार सख्त

सदन में आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे भी उठे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आउटसोर्स कर्मियों को एजेंसियों द्वारा पूरा वेतन भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। सरकार इस बात को सुनिश्चित करेगी कि किसी भी कर्मचारी के साथ वेतन संबंधी अन्याय न हो।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली बहाली में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। एजेंसियों को राज्य की आरक्षण नीति का पालन करना भी अनिवार्य होगा।

पुलिस ओपी की स्थापना की मांग

विधायक मंजू कुमारी मंजू कुमारी ने जमुआ के चुंगलों क्षेत्र में पुलिस ओपी स्थापित करने की मांग सदन में उठाई। उनका कहना था कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस उपस्थिति आवश्यक है।

बैकलॉग नियुक्तियों पर उठा सवाल

कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप राजेश कच्छप ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (SC/ST/OBC) से संबंधित बैकलॉग रिक्तियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से लंबित रिक्तियों का आंकड़ा सार्वजनिक करने और पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट रोडमैप पेश करने की मांग की।

रोजगार और नियुक्तियों पर केंद्रित बहस

सदन की कार्यवाही के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि रोजगार, नियुक्तियां और प्रशासनिक पारदर्शिता प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। सरकार ने जहां युवाओं को अवसर देने की प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं विपक्ष ने लंबित रिक्तियों और नीतिगत फैसलों पर जवाबदेही की मांग रखी।

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