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मच्छर के कॉइल व अगरबत्ती हैं जानलेवा, स्वास्थ्य को लेकर जारी हुई गंभीर चेतावनी, फेफड़े हो सकते हैं खराब, अस्थमा के बन सकते हैं मरीज…

Mosquito coils and incense sticks are deadly; a serious health warning has been issued, which can damage the lungs and cause asthma.

मच्छरों से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली कॉइल और अगरबत्ती अब स्वास्थ्य के लिए खतरा बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इनके धुएं को श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक बताते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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Big News : डॉक्टरों ने मच्छरों से बचाव के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली कॉइल और अगरबत्ती को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। बताया जा रहा है कि इन उत्पादों का अत्यधिक उपयोग शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। डाक्टरों के मुताबिक मच्छर भगाने वाली कॉइल और अगरबत्ती के धुएं में कई तरह के हानिकारक रसायन मौजूद होते हैं। ये रसायन सीधे हमारे श्वसन तंत्र पर हमला करते हैं।

लगातार इनके संपर्क में रहने से सांस लेने में तकलीफ, खांसी, एलर्जी और अस्थमा जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।उन्होंने यह भी बताया कि बंद कमरों में इनका उपयोग करना और भी खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे धुएं की मात्रा बढ़ जाती है और शरीर पर इसका असर कई गुना अधिक हो जाता है।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरा

विशेषज्ञों के मुताबिक, कॉइल और अगरबत्ती का धुआं खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए बेहद नुकसानदायक है। जिन लोगों को पहले से सांस संबंधी बीमारियां हैं, उनके लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।इसके अलावा आंखों में जलन, सिरदर्द और त्वचा से जुड़ी एलर्जी जैसी समस्याएं भी तेजी से सामने आ रही हैं, जो इन उत्पादों के दुष्प्रभाव को दर्शाती हैं।

फेफड़ों पर दीर्घकालिक असर का खतरा

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक इन उत्पादों का उपयोग करने से फेफड़ों पर गंभीर असर पड़ सकता है। लगातार जहरीले धुएं के संपर्क में रहने से फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे भविष्य में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

क्या हैं सुरक्षित विकल्प?

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मच्छरों से बचाव के लिए कुछ सुरक्षित उपाय सुझाए हैं। इनमें मच्छरदानी का उपयोग, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना, कहीं भी पानी जमा न होने देना प्रमुख हैं।

इसके अलावा जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक वेपराइजर या रिपेलेंट क्रीम का सीमित और सावधानीपूर्वक उपयोग किया जा सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सही जानकारी ही इन खतरों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। मच्छरों से बचाव जरूरी है, लेकिन इसके लिए ऐसे उपाय अपनाने चाहिए जो स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचाएं।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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