ट्रेन हादसा: पटना-रांची जनशताब्दी ट्रेन बर्निंग ट्रेन बनने से बाल-बाल बची, कोच के पहिये से निकलने लगी चिंगारी, मचा हड़कंप…
Train accident: Patna-Ranchi Jan Shatabdi train narrowly escapes becoming a burning train, sparks start coming out from the wheels of the coach, causing panic...

पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गयी। कोच के पहिए से गया के पास चिंगारी और धुआं निकलने से अफरा-तफरी मच गई। लोको पायलट की सूझबूझ से ट्रेन को तुरंत रोककर स्थिति पर काबू पाया गया।
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Train Accident News : पटना-रांची जनशताब्दी ट्रेन में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोच के पहिये से अचानक चिंगारी और धुंआ निकलने लगा। गया जंक्शन से रवाना होने के कुछ ही देर बाद बंधुआ स्टेशन के पास हुई, जिससे ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जैसे ही ट्रेन बंधुआ स्टेशन के समीप पहुंची, एक कोच के पहिए से तेज चिंगारी निकलती दिखाई दी और देखते ही देखते धुआं फैलने लगा।
इस नजारे को देखकर यात्रियों में घबराहट फैल गई। ट्रेन में सवार कई यात्री अपनी सीट छोड़कर कोच से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच लोको पायलट ने बेहद सूझबूझ का परिचय दिया और तत्काल ट्रेन को बंधुआ स्टेशन पर रोक दिया। ट्रेन रुकते ही रेलवे कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभालना शुरू किया।
यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने ट्रेन में लगे अग्निशमन यंत्रों की मदद से पहिए पर छिड़काव कर आग जैसी स्थिति को नियंत्रित किया।इस दौरान Railway Protection Force (आरपीएफ) के जवान भी तुरंत सक्रिय हो गए और उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
करीब आधे घंटे तक ट्रेन बंधुआ स्टेशन पर खड़ी रही, जिसके बाद स्थिति सामान्य होने पर ट्रेन को पुनः रांची के लिए रवाना कर दिया गया।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस घटना का कारण “ब्रेक बाइंडिंग” बताया जा रहा है। ब्रेक बाइंडिंग एक तकनीकी स्थिति होती है, जिसमें ब्रेक सिस्टम के लगातार घर्षण के कारण पहिए में अत्यधिक गर्मी उत्पन्न हो जाती है। इसी गर्मी के कारण कभी-कभी धुआं या चिंगारी निकलने लगती है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रेन में यह एक तकनीकी समस्या थी और समय रहते इसे नियंत्रित कर लिया गया, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।घटना के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली और रेलवे प्रशासन की तत्परता की सराहना की। हालांकि, इस घटना ने ट्रेन सुरक्षा और तकनीकी जांच की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।







