ब्रेकिंग..CM ने दिया इस्तीफा : 20 वर्ष के राजनीतिक के एक युग का अंत, अचानक हुए बदलाव से राजनीति गरमाई
CM Resigns: The End of a 20-Year Political Era; Sudden Shift Heats Up Politics

CM ने दिया इस्तीफा: 20 वर्ष से चले आ रहे एक राजनीतिक युग का अंत हो गया। संसदीय इतिहास में आज एक बड़ी हलचल देखने को मिली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब बिहार विधानमंडल के सदस्य नहीं रहेंगे। उन्होंने बिहार विधान परिषद (Upper House) के सभापति को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। यह इस्तीफा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों से लगातार विधान परिषद के सदस्य रहे थे।
संसदीय सफर पर एक नजर
नीतीश कुमार का विधानमंडल के साथ रिश्ता दशकों पुराना है। उनके विधायी करियर को दो मुख्य भागों में देखा जा सकता है:
- विधानसभा का दौर (1985-1989): नीतीश कुमार पहली बार 1985 में हरनौत से विधायक चुने गए थे। उन्होंने 4 साल तक विधानसभा में जनता की आवाज बुलंद की।
- विधान परिषद का लंबा सफर (2006-2026): साल 2006 में उन्होंने पहली बार विधान परिषद की सदस्यता ग्रहण की थी। तब से लेकर आज यानी 30 मार्च 2026 तक, वे लगातार ऊपरी सदन का हिस्सा बने रहे।
इस्तीफे के मायने
नीतीश कुमार का इस्तीफा केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बिहार की सत्ता संरचना में एक बड़े बदलाव का संकेत है। 2005 के अंत में मुख्यमंत्री बनने के बाद से उन्होंने विधान परिषद के जरिए ही सदन की सदस्यता को बरकरार रखा था। आज के इस कदम के साथ ही उनके परिषद के सफर का अंत हो गया है।










