19 शिक्षकों पर गाज: स्कूल में अटेंडेंस के नाम पर शिक्षको का गोलमाल, जांच में 19 शिक्षक-शिक्षिका पकड़ाये, कईयों का वेतन रूका, कईयों पर कार्रवाई की तलवार..
Action Taken Against 19 Teachers: Teachers Caught in Attendance Scam at School; Investigation Exposes 19 Educators—Salaries Withheld for Many, Disciplinary Action Looms Over Several Others.

ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर फर्जी उपस्थिति दर्ज करने के मामले में 19 शिक्षकों को चिन्हित किया गया है। शिक्षा विभाग ने सभी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है और कई शिक्षकों का वेतन भी रोका गया है।
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Teacher News। स्कूल में अटेंडेंस के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले 19 शिक्षक-शिक्षिका पर गाज गिरी है। कई शिक्षकों के वेतन रोकने का आदेश दिया गया है, तो कई शिक्षकों पर आने वाले दिनों में गाज गिर सकती है। पूरा मामला बिहार के बांका जिले का है। जहां शिक्षा विभाग ने फर्जी हाजिरी दर्ज करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है।
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर की गई उपस्थिति की जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें जिले के सात प्रखंडों के कुल 19 शिक्षक ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने स्कूल में उपस्थित न रहते हुए भी अपनी ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की।जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार यादव द्वारा जारी आदेश में इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कई शिक्षक न केवल स्कूल से अनुपस्थित थे, बल्कि कुछ मामलों में वे बिहार राज्य की सीमा से बाहर रहते हुए भी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे। इसे विभाग ने गंभीर फर्जीवाड़ा और कर्तव्यहीनता माना है।
सबसे चौंकाने वाला मामला शंभूगंज प्रखंड से सामने आया है, जहां बालिका उच्च विद्यालय कादराचक की शिक्षिका कुमुद कुमारी 25, 28 और 30 मार्च 2026 को जिले से बाहर पाई गईं, जबकि उन्हीं दिनों उनकी उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज थी। इसी तरह धोरैया प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय कुर्मा की शिक्षिका सरिता कुमारी भी 26 और 30 मार्च को इसी प्रकार की गड़बड़ी में पकड़ी गई हैं।
इसके अलावा धोरैया प्रखंड में ही मुकेश कुमार, श्यामाकांत शर्मा, गौरव कुमार गौतम सहित कई अन्य शिक्षकों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। शंभूगंज, धोरैया, चादन, बांका, रजोन, बाराहाट और बेलहर प्रखंड के विभिन्न स्कूलों के शिक्षक इस कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कुमार यादव ने सभी चिन्हित शिक्षकों को नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के भीतर साक्ष्य सहित अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक शिक्षकों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता, तब तक संबंधित तिथियों का वेतन रोक कर रखा जाएगा।
कुछ मामलों में विभाग ने तत्काल प्रभाव से वेतन भुगतान रोक दिया है, जबकि कुछ शिक्षकों के वेतन को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है। यदि जांच के दौरान शिक्षकों का स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया जाता है, तो उनके खिलाफ वेतन कटौती के साथ-साथ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।








