झारखंड में अवैध TGT शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई, वेतन भुगतान बंद करने के आदेश, शिकायत के बाद हुई जांच पर एक्शन
Major Crackdown on Illegally Appointed TGT Teachers in Jharkhand: Orders Issued to Halt Salary Payments; Action Taken Following Investigation Triggered by Complaints.

झारखंड में बीएड सत्र 2015–2017 से चयनित कथित अवैध TGT शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके वेतन भुगतान को तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्णय कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के अनुमोदन के बाद लिया गया है।
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रांची। झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और नियमबद्ध बनाने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। बीएड सत्र 2015–2017 के तहत चयनित कथित अवैध TGT (Trained Graduate Teacher) शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनके वेतन भुगतान को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया है।
यह निर्देश कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के सचिव के अनुमोदन के बाद अवर सचिव द्वारा जारी किया गया है। इसके तहत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।मामले की शुरुआत जुलाई 2024 में हुई थी, जब पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त को इस अनियमितता की शिकायत दी गई थी।
आरोप था कि बीएड सत्र 2015–2017 के कई अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण निर्धारित तिथि और नियमों के अनुरूप पूर्ण नहीं था, इसके बावजूद उन्हें TGT शिक्षक के रूप में नियुक्ति दे दी गई।हालांकि, प्रारंभिक स्तर पर इस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया और मामला लंबे समय तक लंबित रहा। बाद में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा इस पर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए, जिसके तहत RDDE कोल्हान प्रमंडल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने इसे असंतोषजनक और अपूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया। इसके बाद दिसंबर 2025 में विभाग ने पुनः स्पष्ट रिपोर्ट मांगी, जिसमें यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि क्या अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण 25 अप्रैल 2017 से पूर्व, नियुक्ति नियमावली और विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप पूर्ण हुआ था या नहीं।
इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी और साक्ष्य जमशेदपुर के पारडीह निवासी शिकायतकर्ता कार्त्तिक चन्द्र साव द्वारा कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग को भी उपलब्ध कराई गई। विभाग द्वारा सभी दस्तावेजों का गहन परीक्षण करने के बाद शिकायत को सही पाया गया।

इसके आधार पर अब राज्य स्तर पर सभी कथित अवैध TGT शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।शिकायतकर्ता कार्त्तिक चन्द्र साव का कहना है कि इस निर्णय से न केवल योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा, बल्कि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने इसे झारखंड में सुशिक्षा व्यवस्था की दिशा में “मील का पत्थर” बताया है।







