सरकारी कर्मचारियों के लिए नया नियम : ऑफिस में Reel बनाया तो खैर नहीं, सरकारी ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल मीडिया के लिए बैन, पढ़िये…
New Rule for Government Employees: No Leniency for Filming Reels in the Office; Use of Official Email IDs and Mobile Numbers for Media Purposes Also Banned—Read On...

सरकार ने सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब बिना अनुमति पोस्ट, रील या विवादित टिप्पणी करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
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Social Media For Government Employee/ 12.4.26: डिजिटल दौर में बढ़ते सोशल मीडिया के प्रभाव को देखते हुए सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों का उद्देश्य सरकारी तंत्र में अनुशासन बनाए रखना और संस्थागत गरिमा को सुरक्षित रखना है। नए नियम अब पूरे बिहार राज्य में लागू हो चुके हैं। इस नियम का पालन बिहार के सभी कर्मचारियों को करना होगा।
राजपत्र में प्रकाशन के साथ लागू हुए नियम
दरअसल, जनवरी 2026 में राज्य सरकार ने बिहार सरकारी सेवक आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी थी। इसके बाद राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत इसे अधिसूचित किया। शुक्रवार शाम राजपत्र में प्रकाशित होते ही ये नियम प्रभावी हो गए।नए नियमों के तहत सरकारी कर्मचारी बिना अनुमति फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर सरकार की नीतियों, योजनाओं या न्यायालय के फैसलों पर अपनी निजी राय साझा नहीं कर सकेंगे।विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों पर टिप्पणी करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसा करना कदाचार माना जाएगा।
फर्जी प्रोफाइल और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल पर रोक
सरकारी कर्मचारियों को अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए सरकारी ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।इसके अलावा फर्जी प्रोफाइल बनाना, नकली नाम या पहचान से पोस्ट करना भी पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है।

ऑफिस परिसर में रील और वीडियो पर बैन
सरकार ने कार्यालय के अंदर सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी सख्त रोक लगाई है।अब कर्मचारी ऑफिस परिसर में फोटो या वीडियो नहीं बना सकेंगे, न ही रील या लाइव स्ट्रीमिंग कर पाएंगे। सरकारी दस्तावेजों को साझा करना भी पूरी तरह प्रतिबंधित है।
राजनीतिक और भड़काऊ पोस्ट पर सख्ती
किसी भी सरकारी कर्मचारी को राजनीतिक दलों, सार्वजनिक व्यक्तियों या मीडिया संस्थानों के समर्थन या विरोध में पोस्ट करने की अनुमति नहीं होगी।
इसके साथ ही जाति, धर्म या अन्य संवेदनशील मुद्दों पर भड़काऊ या आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करना भी पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी बड़ा बदलाव
सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी नियमों में बदलाव किया है। अब सरकारी कर्मचारी अपने पूरे सेवा काल में केवल एक बार ही प्रतियोगी परीक्षा दे सकेंगे।
इसके लिए उन्हें अनिवार्य रूप से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना होगा। पहले यह सीमा पांच बार तक थी।
विभागों में बढ़ी सतर्कता
इन नियमों के लागू होने के बाद सरकारी विभागों में सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारी और कर्मचारी अब सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियों को लेकर ज्यादा सावधान हो गए हैं।सरकार का मानना है कि डिजिटल युग में इस तरह के नियम बेहद जरूरी हैं। इससे न केवल प्रशासनिक अनुशासन मजबूत होगा, बल्कि सरकारी तंत्र की छवि भी बेहतर बनेगी।









