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कोई ब्लूटूथ से नकल करता मिला, कोई वॉकी-टॉकी के सहारे…कहीं डमी कैंडिडेट तो कहीं फर्जी पहचान; सिपाही भर्ती परीक्षा में हाईटेक फर्जीवाड़ा

Bihar Police Exam Scam, Darbhanga Exam Fraud, Dummy Candidate Case, Bluetooth Cheating Exam, Police Recruitment Scam India, दरभंगा में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का खुलासा। ब्लूटूथ, वॉकी-टॉकी और डमी कैंडिडेट के जरिए फर्जीवाड़ा, 6 गिरफ्तार।

Police Bharti Pariksha ।  सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान मुन्नाभाईयों ने भी खूब गदर काटा। कहीं वॉकी टॉकी, तो कहीं ब्लूट्रूथ, कहीं डमी कंडीडेट तो कहीं फर्जी पहचान पत्र…पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े की खबर ने पुलिस और जांच एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिये हैं। बिहार के  दरभंगा में ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए। कोई ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए उत्तर हासिल करने की कोशिश कर रहा था, तो कोई वॉकी-टॉकी के सहारे परीक्षा पास करने का सपना देख रहा था। कहीं दूसरे की जगह डमी कैंडिडेट परीक्षा देते पकड़ा गया, तो कहीं अभ्यर्थी फर्जी पहचान के सहारे केंद्र में पहुंच गया। प्रशासन की सतर्कता से पूरे खेल का पर्दाफाश हो गया और छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

परीक्षा केंद्रों पर हाईटेक नकल का जाल

दरअसल लहेरियासराय और नगर थाना क्षेत्र के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर चल रही सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान अधिकारियों को कई संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद निगरानी बढ़ाई गई तो एक-एक कर चौंकाने वाले मामले सामने आने लगे।किसी अभ्यर्थी के पास से ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुआ, तो एक अन्य व्यक्ति परीक्षा केंद्र के बाहर वॉकी-टॉकी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ पकड़ा गया। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अभ्यर्थी दूसरे उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे।

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डमी कैंडिडेट और फर्जी पहचान का खेल

परीक्षा केंद्र में जांच के दौरान एक अभ्यर्थी ऐसा मिला जिसने कथित तौर पर पहले भी परीक्षा दी थी और पहचान छिपाने के लिए अपने नाम और जन्मतिथि में बदलाव कर लिया था। वहीं एक युवक अपने भाई की जगह परीक्षा देता हुआ पकड़ा गया। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा में प्रवेश पाने के लिए पहचान संबंधी दस्तावेजों में भी हेरफेर की कोशिश की गई थी।

छह लाख में पास कराने का दावा

प्रारंभिक जांच में सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की आशंका जताई गई है। सूत्रों के मुताबिक भर्ती परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए प्रति अभ्यर्थी करीब छह लाख रुपये तक की डील की जा रही थी। पुलिस को संदेह है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए बाहर बैठे लोगों से संपर्क कर प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराए जा रहे थे।

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छह गिरफ्तार, नेटवर्क की तलाश जारी

मारवाड़ी कॉलेज, एमएलएसएम कॉलेज, एमआरएम कॉलेज और अन्य परीक्षा केंद्रों से कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ब्लूटूथ, वॉकी-टॉकी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। अब इन गैजेट्स की तकनीकी जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना पहले से थी, इसलिए सभी केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी गई थी। जांच के दौरान सामने आए मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया कि परीक्षा में सेंध लगाने के लिए हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा था। प्रशासन ने साफ किया है कि फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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