किसी का राशन कार्ड कटा, तो किसी के घर जलेगी चूल्हे की नई उम्मीद! झारखंड में 50,331 लोगों की बारी
पूर्वी सिंहभूम में 50,331 नए लोगों के लिए राशन कार्ड की जगह खाली हुई। जानिए किन लोगों के कटे कार्ड, कौन बनवा सकता है नया राशन कार्ड और क्या हैं पात्रता के नियम।

जमशेदपुर। अब तक पात्र होने के बावजूद सरकारी राशन की सुविधा से वंचित परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई खिड़की खुली है। जिन लोगों को राशन कार्ड बनवाने के लिए लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा था, उनके लिए पूर्वी सिंहभूम जिले से राहत भरी खबर आई है। जिले में 50,331 नए लोगों को राशन कार्ड की सूची में शामिल करने के लिए जगह खाली हुई है। यानी अब हजारों जरूरतमंदों को सरकारी राशन योजना से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
इस बदलाव के पीछे प्रशासन की वह कार्रवाई है, जिसमें सरकारी राशन का लाभ लेने वाले अपात्र लोगों की पहचान कर उनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। जांच में ऐसे लोग भी सामने आए, जो आयकर भरते हैं, चार पहिया वाहन रखते हैं या निर्धारित सीमा से अधिक जमीन के मालिक हैं। ऐसे लोगों के नाम हटने से उन परिवारों के लिए जगह बनी है, जिन्हें वास्तव में सरकारी सहायता की जरूरत है।
राशन की सूची में कैसे बनी 50 हजार से ज्यादा लोगों की जगह?
पूर्वी सिंहभूम में राशन कार्डधारियों की पात्रता की जांच के दौरान अलग-अलग श्रेणियों में अपात्र लोगों को चिह्नित किया गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक आयकर भरने वाले 13,244 लोगों के नाम राशन कार्ड सूची से हटाए गए हैं। इसके अलावा चार पहिया वाहन रखने वाले 3,756 और निर्धारित सीमा से अधिक जमीन रखने वाले 7,630 लोगों को भी सूची से बाहर किया गया है।
व्यापारिक गतिविधियों और कंपनियों से जुड़े ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई हुई है, जो निर्धारित पात्रता के दायरे में नहीं आते। जीएसटी नंबर रखने वाले और कंपनी से जुड़े करीब एक हजार लोगों के नाम हटाए गए हैं।प्रशासन की इसी कार्रवाई के बाद जिले में 50,331 नए लोगों के नाम जोड़ने की रिक्ति बनी है। अब प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र लोगों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
आपके पास ये सुविधाएं हैं तो नहीं मिलेगा राशन कार्ड का लाभ
नई सूची में जगह खाली होने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति राशन कार्ड बनवा सकता है। इसके लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा। आवेदन के दौरान आधार नंबर के साथ परिवार की आर्थिक और संपत्ति संबंधी जानकारी देनी होगी।
नियमों के मुताबिक, परिवार का कोई सदस्य सरकारी या संविदा की नौकरी में नहीं होना चाहिए। परिवार में कोई भी सदस्य आयकर या जीएसटी का भुगतान नहीं करता हो। इसी तरह परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित या दस एकड़ से अधिक असिंचित कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए।
वाहनों और घरेलू सुविधाओं को लेकर भी शर्तें निर्धारित हैं। परिवार में किसी के पास कार या जीप नहीं होनी चाहिए। पांच लाख रुपये से अधिक कीमत का ट्रैक्टर रखने वाले परिवार भी निर्धारित शर्तों के दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा फ्रिज, एसी और वाशिंग मशीन जैसी सुविधाओं तथा पक्की छत वाले तीन या इससे अधिक कमरों के मकान को लेकर भी पात्रता की शर्तें लागू हैं।
राशन कार्ड बनवाने के लिए गलत जानकारी दी तो जेब से भरना पड़ेगा पूरा हिसाब
सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन में दी गई जानकारी की जिम्मेदारी आवेदक की होगी। उसे घोषणा करनी होगी कि परिवार से संबंधित सभी जानकारियां सही हैं और वह निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करता है।बाद में जांच के दौरान यदि यह सामने आता है कि किसी व्यक्ति ने गलत जानकारी देकर राशन कार्ड बनवाया है या अपात्र होने के बावजूद सरकारी राशन का लाभ लिया है, तो उससे अब तक प्राप्त राशन की कीमत ब्याज सहित वसूल की जा सकती है। इसके साथ ही नियमानुसार कार्रवाई भी होगी।
जिले में 16 लाख से ज्यादा लोगों के नाम राशन कार्ड में दर्ज
पूर्वी सिंहभूम जिले में वर्तमान में 4,37,930 राशन कार्ड संचालित हैं। इन कार्डों में कुल 16,11,300 सदस्यों के नाम दर्ज हैं। दूसरी ओर, प्रशासन के सामने ई-केवाईसी पूरा कराने की भी चुनौती बनी हुई है।आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 13,01,759 सदस्यों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। वहीं 3,09,541 सदस्य अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। जिन लाभुकों का ई-केवाईसी लंबित है, उन्हें जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कराने की सलाह दी गई है, ताकि सरकारी राशन का लाभ जारी रखने में परेशानी न हो।
अब इंतजार कर रहे परिवारों की उम्मीदें बढ़ीं
एक तरफ अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ खाली हुई जगह पर नए पात्र परिवारों को जोड़ने की तैयारी है। प्रशासन के मुताबिक, प्रतीक्षा सूची में शामिल लोगों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।ऐसे में जिन परिवारों के पास अब तक राशन कार्ड नहीं है और जो वास्तव में सरकारी योजना की पात्रता पूरी करते हैं, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।
हालांकि, आवेदन की प्रक्रिया, दस्तावेज और नाम जोड़ने की समयसीमा को लेकर जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।पूर्वी सिंहभूम में अपात्र लोगों के राशन कार्ड हटाए जाने के बाद 50,331 नए लोगों के लिए जगह खाली हुई है। अब प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र परिवारों को राशन कार्ड से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। जिले में 3.09 लाख से अधिक सदस्यों का ई-केवाईसी भी लंबित है।












