56 साल में JTET परीक्षा : मिथिलेश ने उम्र के इस पड़ाव में भी नहीं छोड़ा सरकारी शिक्षक बनने का सपना, 10 साल बाद फिर दी परीक्षा; 90 के दशक से कर रहे तैयारी
झारखंड के गिरिडीह के मिथिलेश कुमार 56 साल की उम्र में TET परीक्षा में शामिल हुए। 90 के दशक से सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं।

Jharkhand News: कहते हैं कि सपने पूरे करने की कोई उम्र नहीं होती। अगर हौसला मजबूत हो, तो इंसान आखिरी पड़ाव तक अपनी मंजिल पाने की कोशिश करता रहता है। इसकी मिसाल झारखंड के गिरिडीह जिले के गांवां प्रखंड निवासी मिथिलेश कुमार हैं। उम्र 56 साल हो चुकी है, सरकारी सेवा में अब महज चार साल का कार्यकाल बाकी है, लेकिन सरकारी शिक्षक बनने का सपना आज भी जिंदा है।
90 के दशक से इस सपने को पूरा करने की कोशिश कर रहे मिथिलेश ने एक बार फिर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) दी है। उनकी यह कोशिश इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।मिथिलेश कुमार ने कोडरमा के झुमरीतिलैया स्थित सेक्रेड हार्ट स्कूल परीक्षा केंद्र पर TET की परीक्षा दी। उनके लिए यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि दशकों से देखे जा रहे सपने को पूरा करने का एक और मौका है। लंबे संघर्ष और कई असफलताओं के बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है।
90 के दशक से सरकारी शिक्षक बनने की कर रहे तैयारी
गिरिडीह के गांवां प्रखंड के रहने वाले मिथिलेश कुमार ने 90 के दशक में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देखा था। इसके लिए उन्होंने लगातार प्रयास किया, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद उन्हें स्थायी सरकारी नियुक्ति नहीं मिल सकी।
वर्ष 2008 में उन्होंने अपने गांव के पास स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, राजखारा में पारा शिक्षक के रूप में पढ़ाना शुरू किया। तब से वह लगातार बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। करीब 18 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे मिथिलेश आज भी नियमित सरकारी शिक्षक बनने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
2016 में कुछ अंकों से चूक गए थे मिथिलेश
मिथिलेश कुमार के लिए शिक्षक बनने की राह आसान नहीं रही है। वर्ष 2016 में भी उन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा दी थी, लेकिन कुछ अंकों से सफलता हासिल करने से चूक गए थे।इसके बाद उन्हें दोबारा TET देने का मौका मिलने के लिए करीब 10 साल इंतजार करना पड़ा।
अब जब एक बार फिर परीक्षा आयोजित हुई, तो उन्होंने उम्र और समय की परवाह किए बिना परीक्षा में हिस्सा लिया।इस बार मिथिलेश प्रश्नपत्र के स्तर से संतुष्ट नजर आए। उन्हें उम्मीद है कि इस बार वह परीक्षा पास कर अपना वर्षों पुराना सपना पूरा कर सकेंगे।
बोले- जल्दी जारी हो TET का रिजल्ट, बचे हुए चार साल बच्चों को पढ़ाना चाहता हूं
मिथिलेश कुमार ने सरकार से TET का परिणाम जल्द जारी करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा का रिजल्ट जल्दी आ जाता है, तो वह अपने सेवाकाल के बचे हुए चार साल नियमित सरकारी शिक्षक के रूप में बच्चों को पढ़ाने में लगा सकेंगे।उनके लिए यह परीक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि दशकों से देखे जा रहे सपने को साकार करने का आखिरी बड़ा अवसर भी है।
56 की उम्र में भी नहीं मानी हार, युवाओं के लिए बने मिसाल
आज के दौर में जहां कई लोग असफलता मिलने पर अपने लक्ष्य से पीछे हट जाते हैं, वहीं मिथिलेश कुमार की कहानी बताती है कि उम्र और मुश्किलें किसी सपने को खत्म नहीं कर सकतीं।90 के दशक से शुरू हुआ उनका संघर्ष आज भी जारी है। 56 साल की उम्र में TET की परीक्षा देना और सफलता की उम्मीद रखना उनके जज्बे को दिखाता है। अब देखना होगा कि इस बार परीक्षा का परिणाम उनके दशकों पुराने सपने को पूरा कर पाता है या नहीं।












