दिवाली की सफाई में जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी! 5 गलतियां बन सकती है जानलेवा, अस्पताल पहुंचने तक आ सकती है नौबत

Lifestyle Desk: दिवाली का त्योहार खुशियों और रोशनी का पर्व है, लेकिन घर को चमकाने की जल्दबाजी आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। त्योहार से पहले घरों में पर्दे, पंखे, अलमारियां, फर्नीचर और स्टोर रूम की सफाई शुरू हो जाती है। महीनों से जमा धूल को एक साथ हटाने के चक्कर में लोग कई बार ऐसी गलती कर बैठते हैं, जिसका असर सीधे फेफड़ों और सांस पर पड़ सकता है। धूल के बारीक कण हवा में फैलकर एलर्जी, खांसी और सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकते हैं। कुछ मामलों में स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ जाए।
दिवाली की सफाई बन सकती है जानलेवा, इस गलती से बिगड़ सकती है हालत
घर की सफाई करते समय सबसे बड़ी गलती है बिना मास्क लगाए घंटों तक धूल-मिट्टी के बीच काम करना। खासकर जब पुराने पर्दे हटाए जाते हैं, पंखों की सफाई होती है या स्टोर रूम में रखा सामान बाहर निकाला जाता है, तब धूल के महीन कण तेजी से हवा में फैलते हैं।
इन कणों में धूल के साथ फंगस, धूल के कणों में रहने वाले सूक्ष्म जीव और अन्य एलर्जी पैदा करने वाले तत्व भी मौजूद हो सकते हैं। सांस के जरिए ये शरीर में पहुंचकर परेशानी बढ़ा सकते हैं। जिन लोगों को पहले से धूल की एलर्जी या अस्थमा है, उनके लिए ऐसी स्थिति ज्यादा जोखिम भरी हो सकती है।
एक दिन में पूरा घर चमकाने की जिद पड़ सकती है भारी
डॉक्टरों के मुताबिक, धूल से एलर्जी की समस्या पहले से मौजूद हो तो सफाई के दौरान लापरवाही नहीं करनी चाहिए। 38 साल की एक महिला के साथ भी ऐसा ही मामला सामने आया। बचपन से धूल की एलर्जी होने के बावजूद उसने दिवाली की सफाई एक ही दिन में पूरी करने का फैसला किया।
महिला ने सफाई के दौरान मास्क नहीं पहना और कई घंटों तक लगातार काम करती रही। कुछ देर बाद उसे तेज छींक और खांसी शुरू हो गई। धीरे-धीरे सांस लेने में परेशानी बढ़ने लगी और चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका ऑक्सीजन लेवल महज 85 प्रतिशत पाया गया। डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर ऑक्सीजन और जरूरी दवाएं दीं। जांच में एलर्जी से जुड़ी ब्रोंकाइटिस की समस्या सामने आई।
यह मामला बताता है कि सामान्य समझकर की जाने वाली सफाई भी कुछ लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है।
दिवाली की सफाई में ये 5 गलतियां बिल्कुल न करें
1. बिना मास्क के सफाई करना: धूल वाले स्थानों की सफाई करते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें। इससे हवा में मौजूद बारीक कणों के संपर्क को कम करने में मदद मिलती है।
2. एक ही दिन में पूरा घर साफ करना: अलमारी, पर्दे, पंखे और स्टोर रूम की सफाई एक साथ करने से बचें। काम को कई दिनों में बांटें और एक बार में घर के किसी एक हिस्से की सफाई करें।
3. सूखे कपड़े और झाड़ू से धूल उड़ाना: सूखे कपड़े से पोंछने या तेजी से झाड़ू लगाने पर धूल हवा में फैल सकती है। इसके बजाय गीले कपड़े से सतह साफ करें। जरूरत के अनुसार उपयुक्त फिल्टर वाले वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
4. बिना ब्रेक लिए लगातार काम करना: कई घंटे तक लगातार सफाई करने से बचें। बीच-बीच में आराम करें और धूल से भरे कमरे से बाहर निकलें।
5. एलर्जी और अस्थमा को हल्के में लेना: अगर पहले से धूल की एलर्जी, अस्थमा या सांस से जुड़ी परेशानी है, तो सफाई के दौरान अतिरिक्त सावधानी रखें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें और अपनी निर्धारित दवाएं उपलब्ध रखें।
सांस लेने में परेशानी हो तो न करें नजरअंदाज
सफाई के दौरान बार-बार छींक आना, नाक में खुजली, खांसी और गले में जलन एलर्जी के संकेत हो सकते हैं। लेकिन अगर सांस फूलने लगे, सीने में जकड़न हो या परेशानी तेजी से बढ़े तो इसे सामान्य एलर्जी समझकर नजरअंदाज न करें। तुरंत सफाई रोकें और चिकित्सकीय मदद लें। गंभीर सांस की तकलीफ में तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता जरूरी है।
याद रखें, दिवाली पर घर की चमक बढ़ाना जरूरी है, लेकिन इसके लिए अपनी सेहत को दांव पर लगाना समझदारी नहीं है। सफाई धीरे-धीरे करें, धूल से बचाव के उपाय अपनाएं और सांस से जुड़ी परेशानी होने पर लापरवाही न बरतें।
दिवाली की सफाई के दौरान महीनों से जमा धूल हवा में फैलकर एलर्जी, खांसी और सांस की परेशानी बढ़ा सकती है। बिना मास्क के घंटों सफाई करना और एक ही दिन में पूरा घर साफ करने की कोशिश जोखिम बढ़ा सकती है। N95 मास्क पहनें, गीले कपड़े से सफाई करें और पहले से एलर्जी या अस्थमा होने पर विशेष सावधानी बरतें।












