झारखंड सरकार पर फिर लगा जर्माना: हाईकोर्ट ने जानिये क्यों सरकार को 8000 रुपया जुर्माना भरने को कहा, जानिये क्या है पूरा मामला
एफआईआर रद्द करने की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी 10 हजार रुपये की लागत लगाई गई थी। अब अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।

रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद्द कराने से जुड़े मामले में झारखंड सरकार को हाईकोर्ट से एक बार फिर झटका लगा है। जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगने पर अदालत ने राज्य सरकार पर 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को तय की है।
इस मामले में पहले भी अदालत की ओर से जुर्माना लगाया जा चुका है। पिछली सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इस बार राज्य सरकार की ओर से समय मांगे जाने पर अदालत ने अलग से 8 हजार रुपये की लागत जमा करने का निर्देश दिया है।
चार सप्ताह का समय मांगा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना
सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा गया। सरकार की ओर से मुख्यमंत्री का एफिडेविट भी दाखिल किया गया। समय मांगे जाने पर अदालत ने 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और अगली सुनवाई की तारीख 9 दिसंबर निर्धारित कर दी।जुर्माने की राशि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
पहले मुख्यमंत्री पर भी लग चुका है 10 हजार रुपये का जुर्माना
इससे पहले 1 अक्टूबर को इसी मामले की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था। उस समय हाईकोर्ट ने 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था और राशि झालसा में जमा कराने का निर्देश दिया था। अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया था।
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ED अधिकारियों ने FIR रद्द करने की मांग की है
यह मामला ईडी के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा और अन्य की ओर से दाखिल याचिका से जुड़ा है। अधिकारियों ने रांची के एससी-एसटी थाना में दर्ज प्राथमिकी और उसके आधार पर चल रही कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
यह प्राथमिकी 31 जनवरी 2024 को दर्ज की गई थी। हेमंत सोरेन ने ईडी की कार्रवाई के दौरान कथित उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इसके बाद अधिकारियों ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग के साथ हाईकोर्ट का रुख किया।
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अब इस मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी। अदालत में दाखिल जवाब और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की सुनवाई में मामले की दिशा तय होगी।
सारांश: ईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में दर्ज एफआईआर रद्द करने की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी 10 हजार रुपये की लागत लगाई गई थी। अब अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।












