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शिक्षकों के लिए बड़ा आदेश! अब रील बनाई तो होगी कार्रवाई, महिला शिक्षिकाओं पर भी सख्ती, वीडियो अपलोड करने से पहले लेनी होगी अनुमति

शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मियों के रील बनाने और बिना अनुमति वीडियो अपलोड करने पर रोक लगाई। उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।

school Teacher News:  सरकारी स्कूलों में रील बनाने और सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने वाले शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। शिक्षा विभाग ने स्कूल परिसरों में शिक्षकों और कर्मचारियों के रील बनाने, वीडियो शूट करने और बिना अनुमति इंटरनेट मीडिया पर अपलोड करने पर रोक लगा दी है। बिहार में अब शिक्षक अपनी मर्जी से स्कूल परिसर में किसी तरह का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा नहीं कर सकेंगे।

इसके लिए संबंधित नियंत्रक पदाधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। विभाग ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों और कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

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रील बनाने वाले शिक्षकों पर शिक्षा विभाग सख्त

दरअसल, बीते दिनों कई सरकारी शिक्षकों के रील और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया। विभाग का कहना है कि कुछ शिक्षक स्कूल परिसर में वीडियो बनाकर बच्चों की निजता के अधिकार का उल्लंघन कर रहे थे। इसके अलावा स्कूल के शैक्षणिक माहौल और सरकारी कामकाज पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा था।

इसी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों के परिसरों में रील बनाने, वीडियो शूट करने और बिना अनुमति इंटरनेट मीडिया पर अपलोड करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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सरकारी सेवक आचरण नियमावली का दिया हवाला

शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय ने बुधवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया। विभाग ने बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 और बिहार सरकारी सेवक आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 का हवाला देते हुए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर नियमों का पालन करने को कहा है।

विभाग के अनुसार, राजनीतिक, धार्मिक, जाति या उपजाति आधारित प्रचार के लिए सोशल मीडिया अभियान चलाना प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने वाले सरकारी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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15 अगस्त और 26 जनवरी के वीडियो बनाने पर भी नियम लागू

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों को इंटरनेट मीडिया पर वीडियो बनाने और साझा करने के लिए नियंत्रक पदाधिकारी की लिखित पूर्व अनुमति लेनी होगी। यह नियम केवल सामान्य रील तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी और सामाजिक गतिविधियों की रिकॉर्डिंग पर भी लागू होगा।

इसके तहत 15 अगस्त और 26 जनवरी के सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पौधरोपण, रक्तदान, अंगदान और स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रमों की रील या वीडियो बनाने और प्रसारित करने से पहले भी अनुमति लेनी होगी। यहां तक कि गणमान्य व्यक्तियों के औचक निरीक्षण से जुड़े कार्यक्रमों का वीडियो बनाने के लिए भी पूर्व अनुमति जरूरी होगी।

आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी अधिकारियों को

शिक्षा विभाग ने इस आदेश का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सौंपी है। यानी अब सरकारी स्कूलों में शिक्षक और अन्य कर्मचारी बिना अनुमति कैमरा चलाकर वीडियो नहीं बना सकेंगे और न ही उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर सकेंगे।

विभाग के इस फैसले के बाद बिहार के सरकारी स्कूलों में सोशल मीडिया पर रील बनाने वाले शिक्षकों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ने की संभावना है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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