Dhanteras 2026: धनतेरस पर सोना खरीदने जा रहे हैं तो रहें सावधान! कहीं नकली गोल्ड के नाम पर न लग जाए चूना, 1 मिनट में ऐसे पहचानें असली और नकली सोना
धनतेरस 2026 पर सोना खरीदने से पहले BIS हॉलमार्क, HUID नंबर और कैरेट की जांच करें। जानें असली और नकली सोने की पहचान के तरीके और ठगी से बचने के टिप्स।

रांची/नई दिल्ली। धनतेरस और दिवाली के मौके पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। यही वजह है कि त्योहार के दौरान ज्वैलरी बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है। कोई सोने के सिक्के खरीदता है तो कोई अपनी पसंद के आभूषण। लेकिन इस भीड़ और खरीदारी की जल्दबाजी में ठगी का शिकार होने का खतरा भी बना रहता है। कई बार ग्राहकों को असली सोने के नाम पर मिलावटी या कम शुद्धता वाले आभूषण बेच दिए जाते हैं।
ऐसे में अगर आप भी धनतेरस 2026 पर सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।सोना खरीदते समय केवल उसकी चमक और कीमत देखकर भरोसा न करें। उसकी शुद्धता, कैरेट, BIS हॉलमार्क और HUID नंबर की जांच जरूर करें। आइए जानते हैं कि असली और नकली सोने की पहचान कैसे कर सकते हैं और खरीदारी के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
हॉलमार्क और HUID नंबर जरूर देखें
सोने की शुद्धता जांचने का सबसे भरोसेमंद तरीका BIS हॉलमार्किंग है। सोने के आभूषण खरीदते समय उस पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का लोगो, शुद्धता का निशान और छह अंकों वाला हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन यानी HUID नंबर जरूर देखें।
HUID नंबर के जरिए ग्राहक BIS Care ऐप पर आभूषण की जानकारी जांच सकते हैं। इससे हॉलमार्क की प्रमाणिकता और आभूषण की शुद्धता से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसलिए दुकान से गहना खरीदने से पहले HUID नंबर का सत्यापन जरूर करें।
कैरेट से समझें सोने की शुद्धता
सोना अलग-अलग कैरेट में उपलब्ध होता है। कैरेट जितना अधिक होगा, सोने में शुद्ध धातु की मात्रा उतनी ही ज्यादा होगी।
• 24 कैरेट गोल्ड: 99.9 प्रतिशत शुद्धता (999), मुख्य रूप से सिक्कों और गोल्ड बार में इस्तेमाल होता है।
• 22 कैरेट गोल्ड: 91.6 प्रतिशत शुद्धता (916), पारंपरिक सोने के आभूषणों में आमतौर पर इस्तेमाल होता है।
• 18 कैरेट गोल्ड: 75 प्रतिशत शुद्धता (750), हीरे और अन्य रत्न जड़े आभूषणों में इस्तेमाल किया जाता है।
• 14 कैरेट गोल्ड: 58.5 प्रतिशत शुद्धता (585), डिजाइनर और हल्के आभूषणों में इस्तेमाल होता है।
इसलिए सोने का गहना खरीदते समय उसके कैरेट और हॉलमार्क पर लिखे शुद्धता के निशान का मिलान जरूर करें।
मैग्नेट टेस्ट से भी कर सकते हैं शुरुआती जांच
सोना सामान्य परिस्थितियों में चुंबक से आकर्षित नहीं होता। ऐसे में अगर सोने का आभूषण किसी मजबूत चुंबक की तरफ खिंचता है तो उसमें लोहे या निकल जैसी चुंबकीय धातु होने की आशंका हो सकती है।हालांकि, यह जांच सोने के असली या नकली होने का अंतिम प्रमाण नहीं है। चुंबक से आकर्षित नहीं होने वाली हर धातु सोना नहीं होती। इसलिए केवल इस टेस्ट के आधार पर खरीदारी का फैसला न करें।
पानी और डेंसिटी टेस्ट से भी नहीं मिलेगी पूरी गारंटी
सोने का घनत्व सामान्यतः अधिक होता है। इसलिए शुद्ध सोने का आभूषण पानी में डालने पर नीचे बैठ जाता है। लेकिन कई दूसरी धातुएं भी पानी में डूब जाती हैं। ऐसे में पानी वाला टेस्ट भी सोने की शुद्धता प्रमाणित नहीं करता।विशेषज्ञ जांच के बिना केवल घरेलू तरीकों से सोने की वास्तविक गुणवत्ता का पता लगाना मुश्किल है।
एसिड टेस्ट घर पर करने से बचें
सोने की शुद्धता जांचने के लिए पारंपरिक रूप से एसिड टेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें सोने को एक विशेष पत्थर पर घिसकर रासायनिक पदार्थ की मदद से उसकी शुद्धता का अनुमान लगाया जाता है।हालांकि, नाइट्रिक एसिड जैसे रसायनों का इस्तेमाल घर पर करना सुरक्षित नहीं है। इससे आभूषण खराब हो सकते हैं और त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा यह जांच भी हर तरह की मिलावट पकड़ने में सक्षम नहीं होती।
आधुनिक मशीनों से भी होती है सोने की जांच
आजकल सोने की शुद्धता जांचने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
• XRF स्पेक्ट्रोमेट्री: एक्स-रे आधारित इस तकनीक से सोने में मौजूद दूसरी धातुओं की मात्रा का विश्लेषण किया जाता है।
• कैरेट मीटर: डिजिटल मशीन के जरिए सोने की शुद्धता का अनुमान लगाया जाता है।
• प्रयोगशाला जांच: जरूरत पड़ने पर मान्यता प्राप्त केंद्रों पर अधिक विस्तृत परीक्षण कराया जा सकता है।
धनतेरस पर सोना खरीदते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान
1. हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें।
2. छह अंकों वाले HUID नंबर को BIS Care ऐप पर जांचें।
3. गहने का कैरेट और शुद्धता का निशान जरूर देखें।
4. खरीदारी के समय वजन, मेकिंग चार्ज और GST की जानकारी लें।
5. दुकानदार से पक्का बिल जरूर लें। बिल में आभूषण का वजन, कैरेट, कीमत और अन्य जरूरी विवरण दर्ज होने चाहिए।
जल्दबाजी में न करें सोने की खरीदारी
धनतेरस पर ज्वैलरी दुकानों में भीड़ होने के कारण कई ग्राहक जल्दबाजी में खरीदारी कर लेते हैं। ऐसे में दुकानदार की बातों पर ही भरोसा करने के बजाय खुद भी सोने की शुद्धता की जांच करें। किसी अनजान दुकान या बेहद कम कीमत के लालच में आकर खरीदारी करने से बचें।याद रखें, सोने की चमक देखकर उसकी शुद्धता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। सही हॉलमार्क, HUID सत्यापन और पक्के बिल के साथ खरीदारी करना ही त्योहार के दौरान ठगी से बचने का बेहतर तरीका है।












