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बीबी की 40 हजार में सुपारी: प्रेमिका की खातिर पति ने पत्नी की दी सुपारी, 40 हजार में मंगवाये थे हत्यारे, कब्र से बरामद हुआ था शव

Wife's contract killing for 40 thousand: Husband gave contract killing for his wife for the sake of his girlfriend, killers were hired for 40 thousand, body was recovered from the grave

पलामू। पत्नी की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पति व उसकी प्रेमिका ने 40 हजार रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई, शव को दफनाया और सबूत मिटाने की साजिश रची। पुलिस ने इस हत्याकांड में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नावाबाजार थाना क्षेत्र के तुकबेरा अंतर्गत डरौना गांव से 1 जनवरी को बरामद दफनाए गए शव की पहचान प्रियंका देवी के रूप में हुई थी।

इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उसका पति रंजीत मेहता और उसकी प्रेमिका निकले। पुलिस रिमांड के दौरान दोनों ने पूरे हत्याकांड की साजिश का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, प्रियंका देवी अपने पति रंजीत मेहता और उसकी प्रेमिका के अवैध संबंधों के बीच बाधा बन रही थी। इसी वजह से दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसके लिए उन्होंने 40 हजार रुपये की सुपारी देकर हत्या कराने की योजना बनाई।

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इस साजिश में रंजीत मेहता का भगिना सुनील कुमार भी शामिल था। बिश्रामपुर थाना प्रभारी ऋषिकेश दुबे ने बताया कि रंजीत मेहता और उसकी प्रेमिका ने पड़वा थाना क्षेत्र के रहने वाले लाल कुमार और गोविंद कुमार को हत्या की सुपारी दी थी। तय योजना के अनुसार घटना के दिन प्रियंका देवी को पहले बेहोशी की दवा सुंघाई गई, जिससे वह अचेत हो गई। इसके बाद सभी आरोपी उसे नावाबाजार थाना क्षेत्र के डरौना गांव ले गए।

वहां सुनसान जगह पर मफलर से गला दबाकर प्रियंका देवी की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को जमीन में दफना दिया गया। पुलिस को गुमराह करने और दुर्गंध से किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपियों ने उसी स्थान पर एक कुत्ते के शव को भी रख दिया, ताकि बदबू आने पर लोग उसे जानवर का शव समझें।

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बताया गया कि प्रियंका देवी 28 दिसंबर 2025 को विश्रामपुर थाना क्षेत्र स्थित अपने ससुराल से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो 31 दिसंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और गोपनीय सूचना के आधार पर 1 जनवरी को दंडाधिकारी की मौजूदगी में दफनाए गए शव को बाहर निकाला गया।

पुलिस जांच के दौरान रंजीत मेहता और उसकी प्रेमिका पर शक गहराया। बाद में दोनों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लिया, जहां पूछताछ में उन्होंने पूरे हत्याकांड की साजिश कबूल कर ली। उनके बयान के आधार पर सुपारी लेने वाले लाल कुमार, गोविंद कुमार और सुनील कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

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इस पूरे मामले में एसडीपीओ आलोक कुमार टूटी, बिश्रामपुर थाना प्रभारी ऋषिकेश दुबे, सब-इंस्पेक्टर शिवनाथ रंजन और शैलभ कुमार सुमित सहित कई पुलिस अधिकारी जांच में शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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