झारखंड में शिक्षकों व कर्मियों को अब मिलेगा 5 लाख का बीमा, सेवा पूरा होने पर मिलेगी एकमुश्त राशि, मृत्यु पर मिलेगा बीमा लाभ
झारखंड में कस्तूरबा गांधी स्कूल सहित शिक्षकों और कर्मियों को 5 लाख रुपये तक का जीवन बीमा मिलेगा, हर महीने 500 रुपये प्रीमियम कटेगा और 7.5% ब्याज के साथ राशि वापस होगी।

रांची: झारखंड सरकार ने शिक्षकों व कर्मियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने शिक्षकों व कर्मियों के लिए 5 लाख के बीमा का फैसला लिया है। शिक्षा विभाग के फैसले के मुताबिक राज्य सरकार समग्र शिक्षा अभियान के तहत काम कर रहे शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी योजना शुरू करने की तैयारी की है। अब कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों सहित कई संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों का जीवन बीमा कराया जाएगा।
इस संबंध में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों से प्रस्ताव मांगा है। योजना लागू होने के बाद हजारों कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इस फैसले को लेकर विभाग में काफी पहले से हलचलें थी। हालांकि अब जाकर इस पर अमलीजामा पहनाया गया है। सरकार के इस फैसले के लाभ प्रदेश के हजारों शिक्षकों को मिलेगा।
किन-किन को मिलेगा लाभ?
सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना का लाभ सिर्फ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि—
- नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी
- बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) और सीआरपी (क्लस्टर रिसोर्स पर्सन)
- प्रखंड और संकुल साधन सेवी भी इसमें शामिल किये जायेंगे।
कितना मिलेगा बीमा कवर?
सभी पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक का जीवन बीमा कवर मिलेगा। यह बीमा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के माध्यम से कराया जाएगा।
हर महीने कितनी कटेगी राशि?
इस योजना के तहत कर्मचारियों के मानदेय से हर महीने 500 रुपये की कटौती की जाएगी। यह राशि बीमा प्रीमियम के रूप में जमा होगी।
मृत्यु होने पर क्या मिलेगा?
अगर सेवा के दौरान किसी शिक्षक या कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार (आश्रित) को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सेवा पूरी होने पर क्या होगा?
अगर कोई कर्मचारी पूरी सेवा अवधि तक सुरक्षित रहता है, तो जमा की गई राशि उसे 7.5% ब्याज के साथ वापस मिल जाएगी। यानी यह योजना बीमा के साथ-साथ बचत का भी विकल्प है।
कितने लोग होंगे शामिल?
इस योजना में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल होंगे—
- 5,075 शिक्षक और कर्मी (कस्तूरबा व अन्य आवासीय विद्यालय)
- 2,950 बीआरपी और सीआरपी
- 280 कर्मचारी (नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय)
- 220 साधन सेवी
यह योजना शिक्षकों और कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ भविष्य के लिए बचत का भी मौका देगी। खासकर संविदा या मानदेय पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित हो सकती है।









