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Padma Bhushan to Shibu Soren: दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण, व्हीलचेयर पर पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया सम्मान, कल्पना सोरेन भी….

Padma Bhushan for Shibu Soren: 'Dishom Guru' Shibu Soren awarded the Padma Bhushan; his wife, Rupi Soren, accepted the honor while seated in a wheelchair; Kalpana Soren was also present...

रांची/23.6.23। ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। लोक सेवा और जनहित के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में द्रौपदी मुर्मू ने यह सम्मान प्रदान किया। ये सम्मान झारखंड में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है।

पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया सम्मान

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की ओर से उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने पद्म भूषण सम्मान ग्रहण किया। वे व्हीलचेयर पर मंच तक पहुंचीं, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान सौंपा। समारोह का यह पल भावनात्मक होने के साथ-साथ झारखंड के लिए गौरव का क्षण भी बन गया।

राष्ट्रपति भवन में मौजूद रहा पूरा सोरेन परिवार

इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने के लिए सोरेन परिवार के कई सदस्य राष्ट्रपति भवन में मौजूद रहे। कार्यक्रम में झारखंड की विधायक कल्पना सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। सम्मान ग्रहण करने के दौरान मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ शिबू सोरेन के योगदान को याद किया।

झारखंड आंदोलन के प्रमुख स्तंभ थे शिबू सोरेन

शिबू सोरेन को झारखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने आदिवासी, मूलवासी और वंचित समुदायों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया। उनके राजनीतिक जीवन और जनआंदोलनों ने झारखंड की राजनीति और सामाजिक चेतना को नई दिशा दी।उनके योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से मरणोपरांत सम्मानित करने का निर्णय लिया।

झारखंड के लिए गौरव का क्षण

शिबू सोरेन को मिला यह सम्मान केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है। राज्यभर में उनके समर्थकों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) कार्यकर्ताओं ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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