तेजप्रताप यादव के घर से 20 लाख रुपये, लाखों के जेवर, आईपैड, लैपटॉप सब चोरी, पीए को घर की दीवार फांदकर भागते देखने का आरोप, FIR दर्ज
Cash worth ₹20 lakh, jewelry worth lakhs, an iPad, and a laptop were stolen from Tej Pratap Yadav's residence; an FIR has been lodged following allegations that his PA was seen fleeing by scaling the boundary wall.

पटना/23.6.26। लालू के लाल तेजू भैया को फिर अपनों ने ही चूना लगा दिया है। लालू यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री Tej Pratap Yadav ने अपने पटना स्थित आवास से करीब 20 लाख रुपये नकद और कीमती सामान चोरी होने का मामला दर्ज कराया है। इस मामले में उन्होंने अपने निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय पर गंभीर आरोप लगाते हुए सचिवालय थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
पार्टी फंड के 20 लाख रुपये चोरी होने का दावा
लिखित शिकायत के अनुसार, हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास की अलमारी में रखे लगभग 20 लाख रुपये नकद, जो कथित तौर पर पार्टी फंड की राशि थी, चोरी हो गई है। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषण और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी गायब बताए गए हैं।
जानिये क्या है चोरी हुए सामान में शामिल हैं:
• 20 लाख रुपये नकद
• 2 तोला सोने की चेन
• एक सोने की अंगूठी
• 4 पेन ड्राइव
• 2 हार्ड डिस्क
• एक आईपैड
• एक मैकबुक लैपटॉप
• एक लेनोवो लैपटॉप
• 4 आईफोन 17 प्रो मैक्स मोबाइल
पीए पर लगाया चोरी का आरोप
तेज प्रताप यादव ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके निजी सहायक मोतीलाल राय, जो वैशाली जिले के निवासी हैं, इस चोरी में शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि 22 जून की रात करीब 11:30 बजे उनके ड्राइवर अनिल यादव और सहयोगी विशाल ने मोतीलाल राय को एक बैग लेकर आवास की बाउंड्री फांदकर भागते हुए देखा था।तेज प्रताप के अनुसार दोनों लोग इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं और उनके बयान जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
सचिवालय थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आवास परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। फिलहाल मामले में किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी दर्ज करा चुके हैं शिकायत
गौरतलब है कि हाल ही में तेज प्रताप यादव ने अपने पूर्व सहयोगी आकाश यादव और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने उन पर छवि खराब करने और साजिश रचने के आरोप लगाए थे। उस मामले में भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।अब निजी सहायक पर चोरी के आरोपों ने इस पूरे प्रकरण को और अधिक चर्चित बना दिया है।









