दुल्हन को नकली गहने थमाकर होशियार बन रहा था दुल्हा, सिंदूरदान से पहले लड़की ने जेवरात चेक कर बैरंग लौटा दी बारात
बिहार के पूर्वी चंपारण में नकली गहनों को लेकर शादी टूट गई। सिंदूरदान से पहले खुलासे के बाद लड़की पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया और खर्च की भरपाई की मांग कर दी।

Fake Jewellery Marriage Case । दुल्हन को नकली जेवर चढ़ाकर होशियारी की कोशिश दुल्हा पक्ष को भारी पड़ गया। नकली जेवर देखकर दुल्हन का ऐसा मूड खराब हुआ कि शादी ही तोड़ दी। हैरान करने वाला ये मामला बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की है, जहां शादी उस वक्त टूट गई, जब विवाह मंडप में चढ़ाए गए गहनों को कथित तौर पर नकली बताया गया। सिंदूरदान से ठीक पहले हुए इस खुलासे के बाद शादी समारोह में जमकर हंगामा हुआ और लड़की पक्ष ने शादी करने से इनकार कर दिया।
मामला इतना बढ़ गया कि कई बारातियों को रातभर गांव में ही रुकना पड़ा और दूसरे दिन भी विवाद का समाधान नहीं निकल सका। हालांकि पुलिस पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्ष से लोगों को बुलाकर बातचीत की गयी, लेकिन दुल्हन पक्ष मानने को तैयार नहीं हुआ। आलम ये हुआ कि बारात लेकर दुल्हे को बिना दुल्हन बैरंग लौटना पड़ा।
सिंदूरदान से पहले मचा बवाल
ये अजीबोगरीब घटना सुगौली थाना क्षेत्र के बेलवतिया गांव की है। जानकारी के अनुसार नेपाल के बारा जिले के परसोतीपुर गांव निवासी युगल सहनी के पुत्र सुभाष कुमार की बारात बेलवतिया गांव पहुंची थी। दोनों परिवारों की सहमति से विवाह तय हुआ था और सभी रस्में सामान्य रूप से चल रही थीं।
जयमाला और अन्य वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न हो चुके थे। इसी दौरान नेग की रस्म में लड़का पक्ष की ओर से दिए गए गहनों की जांच कराई गई। आरोप है कि जांच में गहने नकली पाए गए। इसके बाद विवाह मंडप में माहौल अचानक बदल गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
“ऐसे परिवार में बेटी नहीं देंगे”
लड़की के पिता लक्ष्मीनारायण सहनी ने आरोप लगाया कि लड़का पक्ष की ओर से पहले जो मांगें रखी गई थीं, उन्हें पूरा किया गया था। नकद राशि सहित अन्य उपहार भी दिए गए थे। उन्होंने कहा कि जब सिंदूरदान से ठीक पहले यह पता चला कि नेग में दिए गए गहने नकली हैं, तो उन्हें लड़का पक्ष की नीयत पर संदेह हुआ। इसी वजह से उन्होंने बेटी की शादी करने से इनकार कर दिया।
खर्च की भरपाई की मांग
लड़की पक्ष का कहना है कि शादी की तैयारियों, भोजन, सजावट और अन्य व्यवस्थाओं पर काफी खर्च किया गया है। इसलिए लड़का पक्ष पहले शादी समारोह में हुए खर्च की भरपाई करे, उसके बाद ही बारात वापस जा सकेगी।इसी मांग को लेकर विवाद और बढ़ गया। बताया जा रहा है कि कुछ बाराती तो वापस लौट गए, लेकिन कई लोग गांव में ही रुके रहे।
रातभर चली पंचायत, नहीं निकला समाधान
शादी टूटने की खबर फैलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचायत भी बुलाई गई। देर रात तक दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिशें होती रहीं, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका।मंगलवार को भी दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम रहे।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
मामले की सूचना मिलने पर सुगौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी में बातचीत जारी रही।फिलहाल मामला पंचायत और आपसी समझौते के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है। खबर लिखे जाने तक विवाह नहीं हो सका था और विवाद जारी था।









