घूसखोर दारोगा गिरफ्तार: सिर्फ 7000 के चक्कर में रंगे हाथों धर लिये गये दारोगा जी, केस के फंसाने की धमकी देकर ले रहे थे घूस
Bribery Inspector arrested: Inspector caught red-handed for just ₹7000, taking bribe by threatening to implicate him in a case

घूसखोर सब इंस्पेक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। केस में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत की डिमांड की गयी थी, जिसके बाद पीड़ित की शिकायत पर सब इंस्पेक्टर को 7000 रुपये गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर केस में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगने का आरोप है।
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Daroga Arrest । सिर्फ 7000 रुपये की खातिर अपना ईमान बेचने वाले दारोगा को रंगे हाथों पकड़ा गया है। एक केस में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत की मांग की गयी थी। पूरा मामला बिहार के पटना जिले का है। जहां निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कदमकुआं थाना के पुलिस अवर निरीक्षक सह अपर थानाध्यक्ष अर्जुन यादव को 7 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक कदमकुआं थाना क्षेत्र निवासी शमशाद आलम ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पटना कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अर्जुन यादव द्वारा उन्हें एक मामले में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत की मांग की जा रही है। बताया गया कि यह मामला थाना कांड संख्या-315/26 से जुड़ा हुआ था।
इस मामले में शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी अधिकारी वास्तव में रिश्वत की मांग कर रहा था। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर ब्यूरो ने तत्काल केस दर्ज कर कार्रवाई की योजना बनाई।इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक आदित्य राज के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और रिश्वत की राशि देने के लिए परिवादी को तैयार किया गया। जैसे ही कदमकुआं थाना क्षेत्र के जस्टिस राज किशोर पथ पर रिश्वत का लेन-देन हुआ, निगरानी टीम ने मौके पर छापा मारते हुए अर्जुन यादव को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह भी संभावना जताई जा रही है कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच भी की जा सकती है।









