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झारखंड: जानलेवा हैं ये होटल-रेस्टोरेंट, नकली मिठाईयां तो छोड़ो, कोलड्रिक्स भी एक्सपायरी परोस रहे, खुलासे के बाद मचा हड़कंप, प्रशासन कड़े एक्शन की तैयारी में..

Jharkhand: These hotels and restaurants are deadly. Forget fake sweets, they are even serving expired cold drinks. The revelations sparked a stir and the administration is preparing for strict action.

लोगों की सेहत से खिलवाड़ का बड़ा खुलासा हुआ है। होटलों और रेस्टोरेंट्स में हुई छापेमारी में एक्सपायरी डेट के खाद्य पदार्थ और कोलड्रिक मिले हैं। छापेमारी के बाद अब सभी होटल रेस्टोरेंट को नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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गढ़वा। खाने-पीने के शौकीनों के लिए बड़ी चेतावनी है। जिस स्वाद के लिए हम होटल या रेस्टोरेंट जाते हैं, वहां सेहत से जानलेवा खिलवाड़ हो रहा है। गढ़वा जिले में पहले नकली मिठाइयों का मामला उजागर हुआ था, और अब जांच में एक्सपायरी डेट के खाद्य पदार्थ और कोलड्रिंक्स परोसने का गंभीर मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की औचक छापेमारी में शहर के कई नामी होटलों और रेस्टोरेंट्स की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अचानक जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान एक फेमस रेस्टोरेंट में छापेमारी के दौरान हड़कंप मच गया। अधिकारियों को यहां फ्रीजर में एक्सपायरी डेट की कोल्डड्रिंक रखी मिली, जिसे ग्राहकों को परोसे जाने की तैयारी थी। टीम ने मौके पर ही इन उत्पादों को नष्ट करवाया और संचालक को कड़ी चेतावनी दी।

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। गढ़वा समाहरणालय परिसर में संचालित पुलिस कैंटीन में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। यह कैंटीन बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित हो रही थी। नियमों की जिम्मेदारी संभालने वाले संस्थान में ही नियमों की अनदेखी ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।

इसके अलावा समाहरणालय के समीप बैंक्वेट हॉल में भी जांच की गई। यहां से पनीर सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

जांच में यह भी सामने आया कि शहर के कई बड़े रेस्टोरेंट, ढाबे और कैंटीन बिना आवश्यक ‘खाद्य लाइसेंस’ के ही संचालित हो रहे हैं। यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ भी है। प्रशासन ने ऐसे सभी प्रतिष्ठानों को 7 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और लाइसेंस प्राप्त करने का अल्टीमेटम दिया है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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