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स्वास्थ्य विभाग का घूसखोर क्लर्क गिरफ्तार: ANM से वेतन जारी करने के एवज में ले रहा था 37000 रुपये, रंगे हाथों हुआ गिरफ्तार, प्रभारी भी सवालों में…

Bribing clerk of the Health Department arrested: He was taking Rs 37,000 from ANM in exchange for releasing salary, arrested red-handed, in-charge also in question...

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एक क्लर्क को 37 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एएनएम की 11 महीने से लंबित सैलरी जारी कराने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। पीड़िता की शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने कार्रवाई की।
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जमुई। स्वास्थ्य विभाग के घूसखोर क्लर्क को रंगे हाथों पकड़ा गया है। क्लर्क एक ANM से वेतन जारी करने के एवज में रिश्वत ले रहा था। पूरा मामला जमुई के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। सोनो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एएनएम की लंबित वेतन राशि जारी कराने के बदले घूस मांगने का आरोप है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, सोना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत लिपिक रुपेश कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने 37 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी पर आरोप है कि उसने एएनएम राजनंदनी की 11 महीने से लंबित सैलरी क्लियर करने के लिए एक महीने के वेतन के बराबर रिश्वत की मांग की थी।

एएनएम ने बताया कि फरवरी 2025 से लगातार उससे पैसे मांगे जा रहे थे। बार-बार दबाव बनाए जाने और वेतन भुगतान में हो रही देरी से वह मानसिक रूप से परेशान हो गई थी। उसने आरोप लगाया कि क्लर्क रूपेश कुमार बिना रिश्वत लिए वेतन भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा रहा था।

राजनंदनी ने बताया कि रिश्वत की रकम जुटाने के लिए उसे अपनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी। लगातार हो रही प्रताड़ना और आर्थिक परेशानी के बाद उसने 23 मार्च को निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए।

इसके बाद निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत आरोपी क्लर्क को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से 37 हजार रुपये बरामद किए गए।मामले को लेकर निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार ने बताया कि एएनएम की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की गई थी। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि सोनो पीएचसी में लंबे समय से रिश्वतखोरी का खेल चल रहा था। उसके अनुसार प्रभारी शशिभूषण के सामने ही यह सब होता था। राजनंदनी का दावा है कि आरोपी क्लर्क दबंग प्रवृत्ति का है और कर्मचारियों पर दबाव बनाकर पैसे वसूलता था।

एएनएम ने यह भी कहा कि इससे पहले भी कई महिला कर्मचारियों से वेतन भुगतान और अन्य कार्यों के नाम पर पैसे लिए गए थे, लेकिन डर और नौकरी जाने की आशंका के कारण किसी ने शिकायत नहीं की। उसने आरोप लगाया कि कई लड़कियों से छह-छह हजार रुपये तक वसूले गए थे।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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