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25 शादी वाला दूल्हा! कभी भाई तो कभी बेटा बनकर महिलाओं को फंसाने का आरोप, अब BJP विधायक समधी ने भी दर्ज कराई FIR

शादी के नाम पर कथित ठगी की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। कोई एक शादी को तरस रहा है, इससे अलग एक शातिर ने 25-25 शादियां कर ली।

Crime News। शादी के नाम पर कथित ठगी की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। कोई एक शादी को तरस रहा है, इससे अलग एक शातिर ने 25-25 शादियां कर ली। मामला उत्तर प्रदेश के सीतापुर का है, जहां के दुल्हे ने पूरे देश में अपना ससुराल बना लिया। यूपी से लेकर महाराष्ट्र तक उसके ससुराल भरे पड़े थे। हैरानी की बात ये है कि ठगी का शिकार एक भाजपा विधायक भी हो गये।

इस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र तक सनसनी मचा दी है। आरोपों के घेरे में हैं अनुज त्रिवेदी, जिन पर अलग-अलग राज्यों में पहचान छिपाकर करीब 25 महिलाओं से शादी करने और उनके साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। मामला तब और हाईप्रोफाइल हो गया, जब अब उनके ही समधी और भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने भी उनके खिलाफ FIR दर्ज करा दी।

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कहा जा रहा है कि अनुज अलग-अलग महिलाओं के सामने अपना परिचय और हुलिया बदलकर पेश होता था। कहीं वह खुद को कारोबारी बताता तो कहीं रिश्तों की ऐसी कहानी सामने रखता कि सामने वाला उसकी असली पहचान पर शक ही न कर सके। आरोप है कि इसी कथित तरीके से उसने कई महिलाओं को शादी के जाल में फंसाया।अब मामला सिर्फ कथित 25 शादियों और ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि एक भाजपा विधायक का परिवार भी इस कथित फर्जीवाड़े का शिकार होने का दावा कर रहा है।

25 शादियां…हर बार नई पहचान का आरोप

पुलिस जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, अनुज त्रिवेदी ने देश के अलग-अलग राज्यों में महिलाओं को कथित तौर पर प्रेमजाल में फंसाया और उनसे शादी की। आरोप है कि वह अपनी पहचान और हुलिया तक बदल लेता था, ताकि एक महिला को दूसरी शादी की भनक न लगे।

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मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, उसने करीब 25 महिलाओं से शादी की। इन महिलाओं से शादी के बाद कथित तौर पर आर्थिक धोखाधड़ी की गई। ठगी की रकम को लेकर करीब 600 करोड़ रुपये का दावा भी सामने आया है, हालांकि इस रकम की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

कभी बेटा तो कभी भाई बनकर सामने आता था प्रखर

इस कथित कहानी में अनुज का बेटा प्रखर त्रिवेदी भी जांच के घेरे में है। आरोप है कि महिलाओं के सामने प्रखर की पहचान भी परिस्थिति के हिसाब से बदली जाती थी। कभी उसे अनुज का बेटा तो कभी भाई बताकर पेश किए जाने का दावा किया गया है।

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पुलिस ने अनुज और उसके बेटे प्रखर दोनों को गिरफ्तार किया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर कितनी महिलाओं को निशाना बनाया गया और इस पूरे नेटवर्क में पिता-पुत्र की क्या भूमिका थी।

भाजपा विधायक बने ‘समधी’, अब दर्ज कराई FIR

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि अनुज त्रिवेदी के खिलाफ अब उनके ही समधी और भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई है।विधायक के मुताबिक, करीब दो साल पहले उन्होंने अपनी बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी की शादी अनुज के बेटे प्रखर त्रिवेदी से की थी। शादी 14 फरवरी 2024 को हुई थी और इसमें करीब 15 हजार लोग शामिल हुए थे।

शादी तय होने से पहले विधायक के परिवार ने लड़के और उसके परिवार की पड़ताल भी कराई थी। आरोप है कि उस दौरान अनुज ने खुद को मुंबई का रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। वहीं, प्रखर के बारे में बताया गया कि वह गांव में स्कूल चलाता है और बागवानी व खेती का काम संभालता है।यानी रिश्ता तय करते समय परिवार को जो तस्वीर दिखाई गई, आरोप है कि असलियत उससे बिल्कुल अलग निकली।

सोशल मीडिया से खुला कथित राज

विधायक ज्ञान तिवारी के मुताबिक, शादी के करीब दो साल बाद सोशल मीडिया के जरिए उन्हें अनुज त्रिवेदी के कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। जब अलग-अलग महिलाओं से शादी और कथित ठगी की बातें सामने आने लगीं तो विधायक ने सोशल मीडिया के जरिए अनुज त्रिवेदी और उसके परिवार से संबंध खत्म करने की बात सार्वजनिक की।

अब उन्होंने सीतापुर के रेउसा थाने में बाकायदा शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अनुज ने अपना आपराधिक इतिहास और पूर्व के मुकदमों की जानकारी छिपाकर उनके परिवार को धोखे में रखा।

रेउसा थाने में FIR, धारा 318(4) के तहत मामला

विधायक की शिकायत के आधार पर रेउसा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। विधायक ने आरोप लगाया है कि कथित धोखाधड़ी के कारण उनके परिवार को गहरा सदमा पहुंचा और एक जनप्रतिनिधि के तौर पर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान हुआ।

इस मामले में अब सीतापुर पुलिस की जांच अहम हो गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि विधायक के परिवार को कथित तौर पर किस तरह की जानकारी दी गई थी और अनुज ने अपनी पहचान या पूर्व मामलों को लेकर क्या तथ्य छिपाए थे।

मुंबई पुलिस पहले ही कर चुकी है गिरफ्तार

अनुज त्रिवेदी को महाराष्ट्र पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वह डोंबिवली थाने में दर्ज एक मामले में न्यायिक हिरासत में है।अब सीतापुर पुलिस की जांच इस बात पर भी निर्भर करेगी कि आरोपी को महाराष्ट्र से यहां कब लाया जाता है और स्थानीय पुलिस उससे कब पूछताछ कर पाती है। अगर पुलिस को पूछताछ का मौका मिलता है तो कथित 25 शादियों, महिलाओं से संपर्क, आर्थिक लेनदेन और परिवारों को दी गई जानकारी को लेकर कई सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।

शादी की तस्वीरें बनीं जांच का हिस्सा

इस मामले के सामने आने के बाद कथित पीड़ित महिलाओं की शादी की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। अलग-अलग महिलाओं के साथ शादी की तस्वीरों ने इस पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है।अब जांच का अहम सवाल यही है कि आखिर अनुज ने कितनी महिलाओं से शादी की, कितने लोगों को कथित तौर पर ठगा और इस पूरे मामले में वास्तविक आर्थिक नुकसान कितना हुआ।

25 शादी वाला दूल्हा या बड़े फर्जीवाड़े की कहानी?

अनुज त्रिवेदी पर लगे आरोपों की कहानी जितनी चौंकाने वाली है, उतने ही बड़े सवाल इसकी जांच को लेकर भी हैं। अगर अलग-अलग महिलाओं से शादी और पहचान छिपाने के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह सिर्फ शादी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला नहीं रहेगा, बल्कि एक बड़े संगठित फर्जीवाड़े की तस्वीर सामने आ सकती है।

फिलहाल ‘25 शादी वाला दूल्हा’ चर्चा में है, लेकिन असली तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। कथित 25 शादियों और 600 करोड़ रुपये की ठगी जैसे दावों की वास्तविकता भी जांच के निष्कर्ष के बाद ही सामने आएगी।Meta Description: सीतापुर के अनुज त्रिवेदी पर पहचान छिपाकर करीब 25 महिलाओं से शादी और करोड़ों की ठगी का आरोप है। अब BJP विधायक ज्ञान तिवारी ने भी FIR दर्ज कराई है।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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