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दो दारोगा सहित 10 पुलिसकर्मी पर FIR, कोर्ट के आदेश पर मच गया हड़कंप, जानिये कोर्ट ने क्यों दिया इतना कड़ा आदेश

FIR against 10 policemen including two inspectors, court order causes uproar, find out why the court gave such a strict order

दो दारोगा सहित 10 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज किया गया है। महिलाओं से मारपीट, अभद्रता सहित अन्य आरोपों में दायर याचिका पर कोर्ट के आदेश पर ये यह कार्रवाई हुई है। मामला बिहार के गया जिले की है। जहां सिविल कोर्ट के आदेश पर दो पुलिस अधिकारियों सहित 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी-एसटी थाने में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर में घुसकर महिलाओं से अभद्रता, मारपीट और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। मामला 17 अक्टूबर 2024 की रात का बताया जा रहा है।
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गया। कोर्ट के एक आदेश से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कोर्ट के आदेश पर दो दारोगा समेत 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी-एसटी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला टिकारी अनुमंडल के पंचानपुर थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने एक दलित परिवार के घर में घुसकर मारपीट, महिलाओं से अभद्रता और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।

जानकारी के अनुसार, गया सिविल कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। पीड़िता पंचानपुर थाना क्षेत्र के चैनपुरा गांव की रहने वाली 63 वर्षीय महिला है, जिसने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया कि 17 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11:30 बजे तत्कालीन पंचानपुर थाना प्रभारी कन्हैया कुमार अपने पुलिस बल के साथ उसके घर पहुंचे थे।

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महिला के अनुसार पुलिस उसके बेटे की तलाश में आई थी। परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा घर पर मौजूद नहीं है, लेकिन पुलिसकर्मी उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए। आरोप है कि पुलिस ने जबरन घर का दरवाजा तोड़ दिया और भीतर घुस गई।पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने घर में मौजूद महिलाओं और पुरुषों के साथ बेरहमी से मारपीट की।

महिलाओं के कपड़े फाड़े गए और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पुलिसकर्मियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पूरे परिवार को धमकाया और जान से मारने की कोशिश की।परिवार का आरोप है कि उस रात पुलिसकर्मियों ने तीन बेटों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जहां उनके साथ मारपीट की गई। पीड़िता के बेटे राजनंदन पासवान के साथ गला दबाकर हत्या की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

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मामले में जिन पुलिस अधिकारियों और जवानों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, उनमें तत्कालीन थाना प्रभारी कन्हैया कुमार, दारोगा चतुरानंद पांडेय समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा 30 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।बताया जा रहा है कि जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उनका कुछ महीने पहले ही दूसरे जिलों में तबादला हो चुका है। कन्हैया कुमार वर्तमान में अरवल जिले में पदस्थापित हैं, जबकि चतुरानंद पांडे दरभंगा जिले में तैनात हैं। अन्य पुलिसकर्मी भी अलग-अलग थानों में कार्यरत बताए जा रहे हैं।

मामले को लेकर न्यायालय के आदेश पर 7 मई को केस दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।एफआईआर में पुलिसकर्मियों पर मारपीट, दुर्व्यवहार, जातिसूचक टिप्पणी और जानलेवा हमला करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस कार्रवाई और मानवाधिकारों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

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अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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