भीषण गरमी व लू पर हेमंत सरकार अलर्ट, सीएम ने अफसरों को दिया पानी संकट से निपटने का निर्देश, इन व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश
Hemant government on alert due to intense heat and heatwave; CM instructs officers to deal with water crisis, orders immediate repairs

रांची/24.5.26। झारखंड में भीषण गर्मी और लू के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासनिक अमले को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि गर्मी के इस कठिन दौर में आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और पेयजल संकट से निपटना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, थाना प्रभारियों, अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी गांव, टोला या शहरी क्षेत्र में लोगों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।
सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था
सीएम हेमंत सोरेन ने निर्देश दिया है कि सभी सरकारी कार्यालयों, बस स्टैंड, बाजार, प्रमुख चौक-चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर राहगीरों और आम लोगों के लिए मुफ्त पेयजल की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जहां पानी की व्यवस्था की जाए, वहां स्पष्ट सूचना पट्ट भी लगाए जाएं ताकि लोगों को आसानी से जानकारी मिल सके।सरकार का मानना है कि तेज धूप और लू के बीच राहगीरों, मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों को राहत देने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।
जल संकट वाले इलाकों पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने जिलों के उपायुक्तों को विशेष रूप से निर्देशित किया है कि जिन क्षेत्रों में जल संकट गहराने की आशंका है, वहां तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।इसके अलावा गांवों और शहरों में खराब पड़े चापाकलों की सूची तैयार कर उनकी तत्काल मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के इस दौर में पेयजल व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन को दिया संवेदनशीलता का संदेश
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी अपने संदेश में कहा कि राज्य के किसी भी हिस्से में पानी की कमी के कारण लोगों को परेशान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक दायित्व भी है।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे फील्ड में सक्रिय रहें और आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करें। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों और दूरदराज के क्षेत्रों पर ध्यान देने को कहा गया है, जहां गर्मी के मौसम में पेयजल संकट अधिक गहराता है।
राज्य में बढ़ रहा गर्मी का असर
झारखंड में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई जिलों में लू जैसे हालात बन गए हैं। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और लोग तेज धूप से बचने के लिए घरों में रहने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू का असर बने रहने की संभावना जताई है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है।
सरकार की प्राथमिकता बना पेयजल संकट
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब सभी जिलों में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कई जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था शुरू कर दी गई है, जबकि खराब चापाकलों की मरम्मत और जलापूर्ति की समीक्षा भी शुरू हो गई है।







