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रांची: गैंगेस्टर के नाम पर साइबर ठग करते थे ब्लैकमेल, फर्जी बैंक अकाउंट व पास बुक के नाम पर भी होती थी ठगी, पुलिस ने 5 ठगों को दबोचा

Ranchi: Cyber ​​fraudsters used to blackmail in the name of gangsters, fraud was also done in the name of fake bank accounts and passbooks, police arrested 5 fraudsters.

रांची। राजधानी रांची में साइबर क्राइम को लेकर बड़ी कामयाबी मिली है। गोंदा थाना क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक संगठित साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह पर फर्जी बैंक खाते खोलकर ऑनलाइन ठगी करने और लोगों को धमकाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप है।

पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर गोंदा थाना क्षेत्र स्थित रॉक व्यू अपार्टमेंट में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। छापेमारी में पुलिस ने भारी मात्रा में बैंकिंग और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। जब्त सामग्री में 50 बैंक पासबुक, 26 डेबिट कार्ड, 13 मोबाइल फोन और कई आधार कार्ड शामिल हैं।

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह संगठित तरीके से लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और उन खातों के जरिए साइबर फ्रॉड की रकम का लेन-देन किया जाता था। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन और दस्तावेजों की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि ठगी के नेटवर्क और अन्य जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।

पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी खुद को बड़े अपराधियों और संगठित गिरोह से जुड़ा बताकर लोगों को डराने-धमकाने का काम भी करते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी राहुल दुबे और राहुल सिंह के नाम का इस्तेमाल कर दबाव बनाते थे और लोगों में भय पैदा कर अपने अवैध कामों को अंजाम देते थे।

वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय हो सकता है और इसके तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े होने की आशंका है। बरामद बैंक खातों और डेबिट कार्डों के जरिए हुए ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अब तक कितने लोगों को इस गिरोह ने ठगी का शिकार बनाया है।

साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही रांची पुलिस का कहना है कि डिजिटल फ्रॉड के मामलों में अब अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खोलना और उन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए करना एक संगठित अपराध के रूप में सामने आ रहा है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक दस्तावेज, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर किसी अनजान व्यक्ति को साझा न करें।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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