ACB की बड़ी कार्रवाई: शौचालय निर्माण कार्य भुगतान के बदले 8 हजार घूस लेते बड़ा बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार
Major ACB action: Head Clerk arrested red-handed while accepting an ₹8,000 bribe in exchange for processing payment for toilet construction work.

बोकारो | 2 जुलाई 2026: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) धनबाद की टीम ने बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड सह अंचल कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान मो. गुलाम रसूल (57) के रूप में हुई है, जो प्रधान सहायक एवं अतिरिक्त प्रभार में सहायक उर्दू अनुवादक के पद पर कार्यरत था। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत ओरदाना दक्षिणी में पंचायत समिति मद से ओरदाना 10+2 उच्च विद्यालय मे शौचालय का निर्माण कार्य का प्रक्कलित राशि दो लाख पैतालिश हजार रुपए की योजना प्रेमजीत सिंह के नाम से स्वीकृत थी।
उसी योजना के निर्माणाधीन भवन के बिल पास करने के लिए प्रेमजीत सिंह लगातार प्रखंड कार्यालय का चक्कर लग रहे थे। वहीं, गुलाब रसूल ( बड़ा बाबू) ने बिल पास करने के नाम पर पैसे की मांग कर रहे थे। इसी को लेकर प्रेमजीत सिंह ने धनबाद एसीबी से सम्पर्क कर पूरी जानकारी दी। इसके बाद एसीबी ने एक्शन लिया।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने ACB धनबाद से शिकायत की थी कि पेटरवार प्रखंड क्षेत्र के ओरदाना 10+2 उच्च विद्यालय में करीब 2.45 लाख रुपये की लागत से शौचालय निर्माण कार्य पूरा हो चुका था। योजना की आंशिक राशि का भुगतान पहले ही हो चुका था, लेकिन शेष भुगतान जारी करने के एवज में संबंधित कर्मचारी ने पहले 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। उसने इसकी सूचना ACB को दी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें यह पुष्टि हुई कि आरोपी कर्मचारी 8 हजार रुपये रिश्वत लेने पर राजी हो गया है।
ऐसे बिछाया गया जाल
सत्यापन के बाद ACB धनबाद की विशेष टीम ने दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पेटरवार प्रखंड सह अंचल कार्यालय के पुराने भवन में ट्रैप बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 8 हजार रुपये दिए, पहले से तैनात ACB टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ACB ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी अब यह भी जांच करेगी कि रिश्वतखोरी के इस मामले में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल था या नहीं।
भ्रष्टाचार पर ACB का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के बाद ACB ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा काम के बदले रिश्वत मांगी जाती है तो आम लोग इसकी शिकायत सीधे ACB से कर सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।









