2018 से लापता है बच्ची, हाईकोर्ट ने पूछा, क्या है इस मामले में प्रोग्रेस रिपोर्ट, मुख्य आरोपी का अगस्त में होगा नार्को टेस्ट, हाईकोर्ट ने 17 अगस्त तक मांगी रिपोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला की 2018 से लापता 6 वर्षीय बच्ची मामले में मुख्य आरोपी के नार्को टेस्ट का आदेश देते हुए राज्य सरकार से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने 8 साल से गायब बच्ची के मामले में सख्ती दिखायी है। कोर्ट ने गुमला जिले से वर्ष 2018 में लापता हुई छह वर्षीय बच्ची के बहुचर्चित मामले में जांच की धीमी प्रगति पर नाराजगी दिखायी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को मामले की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए मुख्य आरोपी का नार्को टेस्ट कराने और जांच से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी अगली सुनवाई में उपलब्ध कराने को कहा है।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मामले के मुख्य आरोपी सुखमनी उरांव के नार्को टेस्ट की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। गुमला के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) से अनुमति मिलने के बाद गुजरात के गांधीनगर स्थित डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (डीएफएस) से संपर्क किया गया है। वहां 3 अगस्त से 11 अगस्त 2026 के बीच नार्को टेस्ट कराया जाएगा। आरोपी को पुलिस टीम गुजरात लेकर जाएगी।
जांच अधिकारी से भी हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान मामले के अनुसंधानकर्ता (आईओ) भी अदालत में उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे सीधे सवाल किया कि 2018 से लापता बच्ची की बरामदगी के लिए अब तक कौन-कौन से प्रयास किए गए हैं और आगे की जांच की क्या रणनीति है। अदालत ने जांच की प्रगति पर विस्तृत जवाब तलब किया।
नार्को टेस्ट रिपोर्ट भी पेश करने का आदेश
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक मुख्य आरोपी के नार्को टेस्ट की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए। साथ ही वर्ष 2018 से 2022 के बीच गुमला जिले में पदस्थ रहे तत्कालीन पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और मामले के अनुसंधानकर्ताओं (आईओ) के खिलाफ यदि कोई विभागीय या अन्य कार्रवाई की गई है, तो उसकी विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की जाए।
2018 से लापता है मासूम
गौरतलब है कि गुमला जिले की छह वर्षीय बच्ची सितंबर 2018 से लापता है। बच्ची की बरामदगी नहीं होने पर उसकी मां चंद्रमुनि उरांव ने झारखंड हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की थी। उसी याचिका पर अदालत लगातार सुनवाई कर रही है और राज्य सरकार से समय-समय पर जांच की प्रगति की जानकारी मांग रही है।मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है। अब सभी की नजर नार्को टेस्ट की रिपोर्ट और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।








