झारखंड बड़ा हादसा : पावर प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट, 10 मजदूर झुलसे; दो की हालत गंभीर, 90% से ज्यादा जले
Major accident in Jharkhand: Furnace blast at power plant; 10 workers scalded. Two are in critical condition, having sustained burns over more than 90% of their bodies.

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। कुजू ओपी क्षेत्र स्थित श्री राम पावर प्लांट में फर्नेस (भट्टी) में अचानक जोरदार ब्लास्ट हो गया। हादसे के समय प्लांट में काम कर रहे करीब 10 मजदूर इसकी चपेट में आकर झुलस गए। धमाका इतना तेज था कि प्लांट परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।घटना के बाद आसपास मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।
पिघले लोहे और आग की चपेट में आए मजदूर
मिली जानकारी के मुताबिक, जिस समय फर्नेस में स्पंज जलाने और उससे जुड़े काम किए जा रहे थे, उसी दौरान अचानक भट्टी में जोरदार विस्फोट हुआ। फर्नेस फटने के बाद उसमें मौजूद पिघला हुआ गर्म लोहा और आग की लपटें आसपास फैल गईं, जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए। हादसे में मेंटेनेंस कार्य में लगे दो मजदूरों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार दोनों मजदूर 90 प्रतिशत से अधिक झुलसे हैं। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रांची रेफर किया गया है।वहीं, अस्पताल में भर्ती तीन अन्य मजदूरों के भी 40 प्रतिशत से अधिक झुलसने की जानकारी सामने आई है।
ब्लास्ट के बाद प्लांट में मची अफरा-तफरी
फर्नेस में धमाका होते ही प्लांट परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। तेज आवाज के बाद कर्मचारी और आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की ओर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। इसके बाद सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक करीब आधा दर्जन अन्य मजदूर भी हादसे में घायल हुए हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
कई मजदूरों के नाम सामने आए
हादसे में घायल मजदूरों में राजेंद्र महतो, परमेश्वर महतो, विजय यादव, संजय यादव और धनंजय सिंह समेत अन्य के नाम सामने आए हैं। हालांकि, घायलों की पूरी संख्या और उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने आना बाकी है।
मैग्नेट के संचालन या मेंटेनेंस के दौरान हादसे की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा फर्नेस से जुड़े मैग्नेट संचालन या मेंटेनेंस कार्य के दौरान हुआ। हालांकि, ब्लास्ट की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।हादसे के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फर्नेस में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ, क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था और हादसे के लिए कौन-सी तकनीकी वजह जिम्मेदार रही, इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल गंभीर रूप से घायल मजदूरों के बेहतर इलाज पर ध्यान दिया जा रहा है।












