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3 साल बाद भर्ती प्रक्रिया पर ब्रेक, शिक्षा विभाग से जुड़े 8 विज्ञापन किये गये रद्द; जानिये कितने पदों पर होनी थी भर्ती

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने 192 पदों पर भर्ती से जुड़े आठ विज्ञापन रद्द कर दिए हैं। 941 आवेदन मिले थे। जानें विज्ञापन में क्या खामियां मिलीं।

रांची। झारखंड में नियुक्तियों में गड़बड़ी की शिकायत कोई नयी नहीं है। प्रदेश में शायद ही कोई परीक्षा निर्विवाद रूप से पूरी हुई है।  झारखंड में सरकारी नियुक्तियों से जुड़ी नियमावली और विज्ञापनों की खामियों का असर एक बार फिर भर्ती प्रक्रिया पर पड़ा है। इस बार झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) की ओर से राज्य और जिला स्तर पर निकाले गए आठ भर्ती विज्ञापनों को रद्द करने का फैसला लिया गया है। इन विज्ञापनों के जरिए कुल 192 पदों पर नियुक्ति होनी थी और परिषद को 941 आवेदन प्राप्त हुए थे।

खास बात यह है कि इनमें से कुछ विज्ञापन वर्ष 2023 में जारी किए गए थे। यानी आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के करीब तीन साल बाद विज्ञापनों में ऐसी विसंगतियां सामने आईं, जिन्हें दूर किए बिना नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना मुश्किल माना गया। अब इन पदों के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी करने की तैयारी है।

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परीक्षा हो गई, लेकिन नियुक्ति पूरी नहीं हो सकी

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न पदों पर नियुक्ति के लिए वर्ष 2023 और 2024 में कुल आठ विज्ञापन जारी किए थे। अभ्यर्थियों से आवेदन भी लिए गए और परीक्षा प्रक्रिया भी आगे बढ़ी, लेकिन नियुक्ति अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सकी।

परिषद ने राज्य कार्यकारिणी समिति के समक्ष पूरे मामले को रखते हुए बताया कि मौजूदा विज्ञापनों में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को स्पष्ट तरीके से निर्धारित नहीं किया गया था। ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया आगे जारी रखने पर भविष्य में कानूनी विवाद खड़ा होने की आशंका जताई गई।

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पूर्णांक से लेकर साक्षात्कार के अंक तक स्पष्ट नहीं

भर्ती विज्ञापनों में लिखित और तकनीकी परीक्षा में पूछे जाने वाले वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की संख्या तथा परीक्षा के कुल पूर्णांक का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। इतना ही नहीं, साक्षात्कार के लिए कितने अंक निर्धारित होंगे, इसकी जानकारी भी विज्ञापन में स्पष्ट नहीं की गई थी।

मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 2019 में राज्य कार्यकारिणी समिति ने परीक्षा के लिए 200 अंक की व्यवस्था को मंजूरी दी थी। इसके बाद वर्ष 2023 में एक्सएलआरआइ, जमशेदपुर के साथ हुए एमओयू में परीक्षा के कुल अंक 230 निर्धारित कर दिए गए। बाद में अक्टूबर 2025 में राज्य कार्यकारिणी समिति ने 230 अंकों की व्यवस्था पर सहमति दी।इस बदलाव और विज्ञापन में अंक निर्धारण की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने की स्थिति बन गई।

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अनुभव के अंकों को लेकर भी था पेच

भर्ती प्रक्रिया में कार्य अनुभव के आधार पर अंक देने का प्रावधान भी किया गया था। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, समग्र शिक्षा अभियान और महिला समाख्या आदि के तहत काम कर चुके कर्मचारियों को प्रत्येक वर्ष की सेवा के लिए एक अंक का वेटेज देने की व्यवस्था थी।

हालांकि, विज्ञापन में इस वेटेज का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। दूसरे कर्मचारियों के कार्य अनुभव के अंकों को लेकर भी स्थिति साफ नहीं थी।इसके अलावा यह भी स्पष्ट नहीं था कि अनुभव के अंक लिखित परीक्षा के बाद जोड़े जाएंगे या साक्षात्कार के बाद। इससे चयन प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के मूल्यांकन को लेकर व्यावहारिक कठिनाई सामने आई।

कानूनी विवाद से बचने के लिए लिया गया फैसला

परिषद का मानना है कि मौजूदा स्थिति में नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर भविष्य में कानूनी चुनौती उत्पन्न हो सकती है। इसी वजह से एक-एक विज्ञापन में अलग-अलग सुधार करने के बजाय आठों विज्ञापनों को रद्द कर नए सिरे से विज्ञापन जारी करने का प्रस्ताव राज्य कार्यकारिणी समिति के समक्ष रखा गया।मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

नियुक्ति प्रक्रिया में XLRI और BIT Mesra की ली गई थी मदद

भर्ती प्रक्रिया को तकनीकी और प्रबंधन के स्तर पर व्यवस्थित बनाने के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने XLRI जमशेदपुर और BIT मेसरा को भी प्रक्रिया में शामिल किया था।प्रबंधन से संबंधित पदों के लिए परीक्षा और साक्षात्कार की जिम्मेदारी XLRI को दी गई थी, जबकि आईटी और कंप्यूटर से जुड़े पदों की चयन प्रक्रिया में BIT मेसरा को जिम्मेदारी दी गई थी।इसके बावजूद विज्ञापन स्तर पर अंक, अनुभव और चयन प्रक्रिया से जुड़े प्रावधानों में अस्पष्टता बनी रही।

किन पदों पर होनी थी भर्ती?

इन विज्ञापनों के माध्यम से राज्य और जिला स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदों को भरा जाना था। इनमें शामिल थे—राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, वित्त नियंत्रक, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी, वित्त पदाधिकारी, ईएमआइएस विशेषज्ञ, असिस्टेंट कंप्यूटर प्रोग्रामर, कार्यालय सहायक, लाइब्रेरियन, प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर और जूनियर इंजीनियर समेत अन्य पद।लाइब्रेरियन के पद पर 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के लिए नियुक्ति की योजना थी।

अब नए विज्ञापन का इंतजार

आठों विज्ञापनों के रद्द होने के बाद अब इन पदों के लिए नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी होगी। इसका मतलब है कि पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को भी नई प्रक्रिया और नए विज्ञापन के प्रावधानों के अनुसार आगे बढ़ना पड़ सकता है।कुल 192 पदों के लिए परिषद को मिले 941 आवेदनों की पुरानी प्रक्रिया अब समाप्त मानी जाएगी। नई भर्ती में परीक्षा के पूर्णांक, साक्षात्कार के अंक, कार्य अनुभव का वेटेज और चयन के सभी चरणों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करना अहम होगा, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया दोबारा कानूनी विवाद में न फंसे।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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