जमशेदपुर में भीषण हादसा तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरायी, युवती सहित दो लोगों की मौत, दो की हालत गंभीर
Horrific accident in Jamshedpur: speeding car rams into divider; two people, including a young woman, killed; two others in critical condition.

जमशेदपुर। तेज रफ्तार कार भीषण हादसे का शिकार हो गयी। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी, कि युवती समेत दो लोगों की जान चली गयी। घटना जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र के एनएच-33 पर पिपला पुल के समीप की है, जहां तड़के करीब 4 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में कार सवार एक युवती समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
चाईबासा की रहने वाली थी मृतका
इस हादसे में मृत युवती की पहचान चाईबासा के जामदा निवासी सीसीर दुम्बी चातोंबा उर्फ डिम्पी चातोंबा (22) के रूप में हुई है। वहीं, दूसरे मृतक की पहचान नामदा बस्ती, गोलमुरी निवासी सुरजीत सिंह के रूप में की गई है।हादसे में घायल हुए लोगों में गोलमुरी नामदा बस्ती निवासी गुरुदेव सिंह उर्फ राहुल और चाईबासा के जटेंया निवासी सुनीता तुबिद शामिल हैं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस ने दोनों मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेज दिया है।
गश्त के दौरान पुलिस पहुंची मौके पर
बताया जा रहा है कि हादसा तड़के करीब 4 बजे हुआ। घटना के समय इलाके में एमजीएम थाना पुलिस की टीम गश्त कर रही थी। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दोनों घायलों की स्थिति गंभीर बताई गई।
गुरुदेव रिम्स और सुनीता टीएमएच रेफर
घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गुरुदेव सिंह उर्फ राहुल को रिम्स, रांची रेफर कर दिया। वहीं, घायल सुनीता तुबिद को टीएमएच, जमशेदपुर भेजा गया है।
दोनों की हालत फिलहाल चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर कार के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने की बात सामने आई है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता पुलिस की जांच के बाद ही चल सकेगा।










