DGP पद से लिया VRS, विनय कुमार की अब बिहार सरकार ने दी नई जिम्मेदारी,
DGP विनय कुमार बने मुख्य सूचना आयुक्त, जानिए RTI में क्या हैं अधिकार

IPS News : पुलिस महानिदेशक (DGP) रहे 1991 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। इसके तुरंत बाद बिहार सरकार ने उन्हें राज्य का मुख्य सूचना आयुक्त (Chief Information Commissioner) नियुक्त किया है। गृह विभाग ने उनका VRS मंजूर किया, जबकि सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई।
विनय कुमार दिसंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। उन्होंने 25 सितंबर को VRS के लिए आवेदन किया था और सरकार ने तीन महीने की नोटिस अवधि की शर्त में छूट देते हुए इसे तत्काल प्रभाव से मंजूर किया। रिपोर्टों के अनुसार, पदभार संभालने के बाद वे बिहार में RTI से जुड़े मामलों की सुनवाई और निपटारे की जिम्मेदारी संभालेंगे।
मुख्य सूचना आयुक्त का काम क्या होता है?
बिहार राज्य सूचना आयोग, सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत काम करता है। जब किसी नागरिक को सरकारी विभाग से मांगी गई सूचना नहीं मिलती, समय पर जवाब नहीं मिलता या दी गई सूचना अधूरी, भ्रामक अथवा गलत होने का आरोप होता है, तो कानून के तहत मामला सूचना आयोग तक पहुंच सकता है।
विनय कुमार की नई जिम्मेदारी क्यों महत्वपूर्ण?
DGP के रूप में विनय कुमार की भूमिका कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़ी थी। अब मुख्य सूचना आयुक्त के तौर पर उनकी जिम्मेदारी पूरी तरह अलग होगी। उन्हें बिहार में सूचना के अधिकार से जुड़े शिकायतों, दूसरी अपीलों और सुनवाई की प्रक्रिया की अध्यक्षता करनी होगी।
कौन हैं विनय कुमार?
विनय कुमार 1991 बैच के बिहार कैडर के IPS अधिकारी हैं। उन्होंने बिहार पुलिस में SP से लेकर DIG, IG और ADG स्तर तक कई जिम्मेदारियां संभालीं। वे ADG CID, ADG लॉ एंड ऑर्डर और बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम में DG-cum-CMD की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। दिसंबर 2024 में उन्होंने बिहार DGP का पद संभाला था।












