छात्रा से रेप के आरोपी की पूरी जवानी कटेगी जेल में; 10 साल पुराने मामले में कोर्ट ने 15 साल जेल व 20 हजार का जुर्माना लगाया
गुमला सिविल कोर्ट ने 14 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आरोपी किशोर को 15 साल की जेल और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

Court News। दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। आरोपी को 15 साल की जेल के साथ जुर्माना भी लगाया है। दर्सल गुमला सिविल कोर्ट ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के करीब एक दशक पुराने मामले में कोर्ट का ये फैसला आया है। एडीजे-1 प्रेम शंकर की अदालत ने आरोपी किशोर को दोषी करार देते हुए 15 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर आरोपी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।यह मामला वर्ष 2016 में गुमला जिले के भरनो थाना क्षेत्र में सामने आया था। घटना के समय पीड़िता की उम्र महज 14 वर्ष थी और वह स्कूल में पढ़ती थी। करीब दस साल बाद अदालत के फैसले के साथ मामले में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है।
स्कूल से लौट रही 14 साल की छात्रा से जंगल में दुष्कर्म
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 26 नवंबर 2016 को 14 वर्षीय छात्रा स्कूल से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान आरोपी किशोर उसे अपने साथ जंगल की ओर ले गया। जहां हथियार का भय दिखाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया।
घटना के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे लेकर भरनो थाना पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज करायी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
करीब 10 साल बाद आया कोर्ट का फैसला
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। जांच के दौरान घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई आगे बढ़ी।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने उपलब्ध दस्तावेज, साक्ष्य और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। अदालत ने इन सभी तथ्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी माना।
15 साल की जेल और 20 हजार रुपये जुर्माना
दोष सिद्ध होने के बाद एडीजे-1 प्रेम शंकर की अदालत ने आरोपी को 15 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।अदालत के आदेश के मुताबिक यदि आरोपी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
2016 की घटना, 2026 में सजा
इस मामले की सबसे अहम बात यह है कि घटना वर्ष 2016 की थी और अदालत का फैसला 2026 में आया। यानी घटना के करीब एक दशक बाद आरोपी को दोषी ठहराकर सजा सुनाई गई है। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपना फैसला दिया।
14 साल की छात्रा से दुष्कर्म के इस मामले में 15 साल की सजा का मतलब आरोपी के जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों का बड़ा हिस्सा जेल में बीतेगा। हालांकि, सजा की अवधि और उसके क्रियान्वयन पर लागू कानून एवं न्यायिक आदेश प्रभावी होंगे।
कानूनी प्रक्रिया में साक्ष्यों की रही अहम भूमिका
अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। अभियोजन पक्ष की ओर से रखे गए तथ्यों के आधार पर आरोप सिद्ध होने के बाद ही अदालत ने सजा निर्धारित की।नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में पीड़िता की उम्र, घटना से संबंधित साक्ष्य और गवाहों के बयान न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस मामले में भी अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड और अभियोजन के साक्ष्यों पर विचार करने के बाद दोषसिद्धि और सजा का आदेश दिया।












