झारखंड: शिक्षकों की कमी पर छात्राओं का गुस्सा भड़का, पैदल ही ब्लॉक पहुंचकर किया घेराव, प्रदर्शन के दौरान अचानक बेहोश होने लगीं कई छात्राएं, अस्पताल में भर्ती
Jharkhand: Female students, angered by the shortage of teachers, marched to the block office and staged a protest; several students suddenly fainted during the demonstration and were hospitalized.

सतगावां (कोडरमा)। झारखंड के कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड से शुक्रवार को शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्राओं के आक्रोश का मामला सामने आया है। प्रखंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, पोखरडीहा में शिक्षकों की कमी से नाराज बड़ी संख्या में छात्राएं स्कूल से पैदल ही प्रखंड मुख्यालय पहुंच गईं। छात्राओं ने प्रभारी बीडीओ सह सीओ मनोज कुमार रवि के समक्ष अपनी शिकायत रखी और ब्लॉक का घेराव कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कुछ छात्राएं बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन में बीमार छात्राओं को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया गया।
शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित, सड़क पर उतरीं छात्राएं
अपनी समस्याओं को लेकर छात्राओं का कहना है कि विद्यालय में लंबे समय से पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। परीक्षा नजदीक होने के बावजूद पाठ्यक्रम पूरा नहीं कराया गया है, जिससे छात्राओं की चिंता बढ़ गई है।
इसी समस्या को लेकर छात्राओं ने शुक्रवार को विद्यालय से प्रखंड कार्यालय तक पैदल मार्च किया। काफी देर तक पैदल चलने और प्रदर्शन के दौरान कई छात्राओं की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद कुछ छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ीं।घटना के बाद छात्राओं ने प्रशासन से विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने और पढ़ाई की व्यवस्था सुधारने की मांग की।
स्वतंत्रता दिवस पर भी अधिकारियों से की थी शिकायत
बताया जा रहा है कि छात्राओं ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी विद्यालय की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से शिकायत की थी। उस दौरान प्रभारी बीडीओ सह सीओ मनोज कुमार रवि, थाना प्रभारी, जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि और अभिभावक मौजूद थे।छात्राओं ने विद्यालय की वार्डन प्रतीक्षा मिंज के खिलाफ भी शिकायत की थी। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि पढ़ाई के मामले में उनके साथ लापरवाही बरती जा रही है और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जाता है।
छात्राओं का आरोप था कि परीक्षा नजदीक होने के बावजूद उनका सिलेबस पूरा नहीं कराया गया है। सवाल पूछने या पढ़ाई को लेकर विरोध करने पर कथित तौर पर उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि ज्यादा पढ़-लिखकर इंजीनियर नहीं बनना है।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत करने पर टीसी काटकर घर भेजने का आरोप
छात्राओं ने यह भी गंभीर आरोप लगाया था कि शिकायत करने पर उन्हें टीसी काटकर घर भेजने की धमकी दी जाती है। स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने छात्राओं की शिकायतें सुनने के बाद दो दिनों के भीतर बैठक कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था।छात्राओं का कहना है कि एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उनका आक्रोश बढ़ता गया और शुक्रवार को उन्होंने विद्यालय से पैदल प्रखंड कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया।
ब्लॉक परिसर में बेहोश होने लगीं छात्राएं, मचा हड़कंप
प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर छात्राएं अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही थीं। इसी दौरान अचानक कुछ छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कई छात्राएं बेहोश होकर गिर गईं।एक साथ कई छात्राओं के बेहोश होने से ब्लॉक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया।












