ध्यान दें ! सुबह बिस्तर से उतरते ही एड़ी में क्यों चुभता है तेज दर्द? सिर्फ थकान नहीं, इन 3 वजहों को भी न करें नजरअंदाज
सुबह पहला कदम रखते ही एड़ी में तेज दर्द और चुभन क्यों होती है? जानें प्लांटर फैशियाइटिस, स्ट्रेस फ्रैक्चर और अकिलीज टेंडन की समस्या समेत एड़ी दर्द के कारण और बचाव।

Health Tips : सुबह नींद खुलने के बाद जैसे ही पैर जमीन पर रखते हैं…. एड़ी में ऐसा तेज दर्द उठे, मानो तलवे में कोई नुकीली चीज चुभ गई हो, तो इसे सिर्फ थकान या ज्यादा चलने का असर मानकर टालना ठीक नहीं है। खासकर अगर हर सुबह पहला कदम रखते समय दर्द ज्यादा हो और कुछ देर चलने के बाद धीरे-धीरे कम हो जाए, तो इसके पीछे प्लांटर फैशियाइटिस जैसी समस्या हो सकती है।
हालांकि, सुबह की एड़ी का दर्द हमेशा इसी एक कारण से नहीं होता। कुछ मामलों में हड्डी पर बार-बार पड़ने वाला दबाव, स्ट्रेस फ्रैक्चर या एड़ी से जुड़ी अकिलीज टेंडन की समस्या भी इसकी वजह हो सकती है। इसलिए दर्द कब होता है, कितनी देर रहता है और पैर के किस हिस्से में महसूस होता है, इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
सुबह पहला कदम सबसे ज्यादा दर्द क्यों करता है?
पैर के तलवे में प्लांटर फेशिया नाम का मजबूत ऊतक होता है। यह एड़ी की हड्डी से शुरू होकर पैर की उंगलियों की तरफ जाता है और पैर के आर्च को सहारा देने में मदद करता है।प्लांटर फैशियाइटिस में इस ऊतक पर लगातार दबाव या खिंचाव पड़ने से जलन और दर्द हो सकता है। रातभर पैर आराम की स्थिति में रहने के बाद सुबह जब अचानक शरीर का पूरा वजन पैर पर पड़ता है, तो प्रभावित ऊतक में खिंचाव बढ़ जाता है।
इसी वजह से शुरुआती कदम काफी दर्दनाक महसूस हो सकते हैं।अक्सर कुछ देर चलने के बाद दर्द कम हो जाता है, लेकिन लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा पैदल चलने या व्यायाम के बाद यह दोबारा बढ़ सकता है।
सिर्फ प्लांटर फैशियाइटिस ही नहीं, ये 3 कारण भी हो सकते हैं
1. प्लांटर फैशियाइटिस
सुबह उठते ही एड़ी या तलवे में तेज चुभन और कुछ देर चलने के बाद दर्द कम होना प्लांटर फैशियाइटिस का सामान्य पैटर्न हो सकता है।जो लोग लंबे समय तक खड़े रहते हैं, दौड़ते हैं या अचानक अपनी एक्सरसाइज बढ़ा देते हैं, उनमें इसका जोखिम बढ़ सकता है। अधिक वजन और ऐसे जूते जिनमें पैरों को पर्याप्त सपोर्ट नहीं मिलता, वे भी समस्या को बढ़ा सकते हैं।
2. स्ट्रेस फ्रैक्चर
अगर एड़ी में दर्द लगातार बना रहता है और पूरे दिन महसूस होता है, तो कभी-कभी इसकी वजह स्ट्रेस फ्रैक्चर भी हो सकती है। यह हड्डी में बार-बार पड़ने वाले दबाव के कारण बनने वाली बहुत छोटी दरार होती है।ऐसे दर्द में अक्सर एड़ी के एक खास हिस्से को दबाने पर भी तकलीफ महसूस हो सकती है। खिलाड़ियों या अचानक शारीरिक गतिविधि बढ़ाने वाले लोगों में इसका जोखिम अधिक हो सकता है।
3. अकिलीज टेंडन की समस्या
अकिलीज टेंडन पिंडली की मांसपेशियों को एड़ी की हड्डी से जोड़ने वाला मजबूत ऊतक है। इस हिस्से पर ज्यादा दबाव पड़ने या व्यायाम की तीव्रता अचानक बढ़ाने से इसमें सूजन और दर्द हो सकता है।इस स्थिति में एड़ी के पीछे जकड़न या दर्द के साथ पैर को ऊपर-नीचे करने में परेशानी और पंजों के बल खड़े होने में तकलीफ भी हो सकती है। सुबह के समय जकड़न ज्यादा महसूस होना इसकी एक विशेषता हो सकती है।
किन लोगों में एड़ी की समस्या का खतरा बढ़ सकता है?
एड़ी का दर्द किसी एक कारण से नहीं होता। कुछ लोगों में इसका जोखिम अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकता है:
• लंबे समय तक खड़े रहकर काम करने वाले लोग
• नियमित रूप से दौड़ने या ज्यादा पैदल चलने वाले लोग
• अचानक एक्सरसाइज या शारीरिक गतिविधि बढ़ाने वाले लोग
• शरीर का वजन अधिक होने पर
• ऐसे जूते पहनने वाले लोग जिनमें पर्याप्त सपोर्ट न हो
• लंबे समय तक कठोर सतह पर नंगे पैर चलने वाले लोग
• पैर का आर्च बहुत सपाट या बहुत ऊंचा होने पर
घर पर हल्के दर्द में क्या कर सकते हैं?
अगर दर्द हल्का है और किसी चोट के बाद शुरू नहीं हुआ है, तो कुछ सामान्य उपायों से राहत मिल सकती है। पैरों और पिंडलियों की हल्की स्ट्रेचिंग की जा सकती है। दर्द वाले हिस्से पर ठंडी सिकाई भी कुछ लोगों को आराम दे सकती है।जूते चुनते समय सिर्फ डिजाइन पर ध्यान देने के बजाय कुशनिंग और फुट सपोर्ट को भी महत्व दें। लंबे समय तक कठोर फर्श पर नंगे पैर चलने से बचना भी उपयोगी हो सकता है।हालांकि, घरेलू उपायों से आराम न मिले तो दर्द को लगातार नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर एड़ी का दर्द रोजमर्रा के काम प्रभावित करने लगे, सामान्य तरीके से चलना मुश्किल हो जाए या दर्द लगातार बना रहे, तो चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
खासकर इन स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है:
• चोट या गिरने के बाद अचानक तेज दर्द शुरू होना
• पैर पर वजन रखने में परेशानी होना
• एड़ी में सूजन आना
• सुन्नपन या झनझनाहट महसूस होना
• बुखार के साथ दर्द या सूजन होना
• दर्द लगातार बढ़ना या बार-बार लौटना
सिर्फ एड़ी में दर्द होने को डायबिटीज का निश्चित संकेत नहीं माना जा सकता। इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इसलिए लगातार दर्द होने पर खुद से बीमारी तय करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना ज्यादा उचित है।
दर्द को नजरअंदाज करने से बढ़ सकती है परेशानी
एड़ी में दर्द होने पर कई लोग अनजाने में चलने का तरीका बदल देते हैं, ताकि प्रभावित हिस्से पर कम दबाव पड़े। लंबे समय तक ऐसा होने पर पैर के अलावा घुटने, कूल्हे या पीठ पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।इसलिए अगर सुबह का एड़ी दर्द कभी-कभार होने वाली सामान्य परेशानी के बजाय लगातार दोहराने लगा है, तो इसके कारण की जांच कराना बेहतर है। सही कारण पता चलने के बाद ही उचित इलाज और एक्सरसाइज तय की जा सकती है।












