Durga Puja Security: पंडाल से विसर्जन घाट तक पुलिस का सुरक्षा घेरा, ड्रोन-CCTV से निगरानी; सोशल मीडिया पर भी नजर
झारखंड में दुर्गा पूजा और विजयादशमी को लेकर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा प्लान तैयार किया है। पंडालों से विसर्जन घाट तक ड्रोन-CCTV निगरानी, 24 घंटे कंट्रोल रूम और क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात रहेगी।

रांची। दुर्गा पूजा में कोई बखेड़ा ना हो, इसे लेकर झारखंड पुलिस चाक-चौबंद इंतजाम के साथ तैयार रहेगी। दुर्गापूजा में अभी 10 दिन से ज्यादा वक्त है, लेकिन झारखंड पुलिस ने अभी से ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। पूजा पंडालों में उमड़ने वाली भीड़ से लेकर विसर्जन जुलूस और घाटों तक सुरक्षा का विस्तृत खाका तैयार किया गया है।
ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी, 24 घंटे कंट्रोल रूम, क्विक रिस्पॉन्स टीम और सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती के जरिए त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी की गई है।
सोमवार को पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पूरे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, एसएसपी और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
24 घंटे एक्टिव रहेगा कंट्रोल रूम
त्योहार के दौरान किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। यहां रोस्टर के अनुसार पुलिस पदाधिकारी और जवान तैनात रहेंगे।किसी भी जिले में अप्रिय घटना होने पर कंट्रोल रूम तत्काल इसकी सूचना राज्य पुलिस मुख्यालय और डीजीपी कंट्रोल रूम तक पहुंचाएगा। इससे विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों के बीच तेजी से समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
पंडालों की सुरक्षा पर खास फोकस
दुर्गा पूजा के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ पूजा पंडालों में जुटती है। इसे देखते हुए पुलिस ने लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी सभी पूजा पंडालों का भौतिक सत्यापन कराने का फैसला लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे।पंडालों में पुलिस बल के साथ महिला सुरक्षाकर्मियों और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार, आपातकालीन गेट, अग्निशमन उपकरण, विद्युत सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा जैसी व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया गया है।
ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी
संवेदनशील पूजा पंडालों और भीड़ वाले इलाकों में CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा।भीड़ में चोरी, छिनतई और महिलाओं के साथ छेड़खानी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
इस बार पुलिस की निगरानी सिर्फ सड़कों और पंडालों तक सीमित नहीं रहेगी। सोशल मीडिया पर भी साइबर सेल की पैनी नजर रहेगी।भड़काऊ पोस्ट, अफवाह, आपत्तिजनक सामग्री या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। पुलिस ने ऐसे मामलों में त्वरित निरोधात्मक कार्रवाई की तैयारी की है।इसके अलावा पूजा के नाम पर जबरन चंदा वसूली करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। डांडिया और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा।
विसर्जन जुलूस पर भी रहेगी नजर
दुर्गा पूजा के बाद निकलने वाले विसर्जन जुलूसों को लेकर भी पुलिस ने विशेष तैयारी की है। विसर्जन मार्ग और संवेदनशील धार्मिक स्थलों का पहले से सत्यापन कराया जाएगा।जुलूस के दौरान वीडियोग्राफी और ड्रोन सर्विलांस कराया जाएगा। डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल में निर्धारित नियमों का पालन कराना सुनिश्चित किया जाएगा। भड़काऊ गानों पर रोक रहेगी।विसर्जन घाटों और नदी किनारे सुरक्षा के लिए स्थानीय गोताखोरों को भी तैनात करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मदद मिल सके।
त्योहार से पहले लंबित वारंटों के निष्पादन का निर्देश
पुलिस ने त्योहार से पहले लंबित मामलों में भी कार्रवाई तेज करने की तैयारी की है। डीजीपी ने जिला पुलिस अधीक्षकों को गैर-जमानती वारंट और कुर्की से जुड़े मामलों के निष्पादन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है।संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया है। थाना स्तर पर शांति समितियों की बैठकें आयोजित कर स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
त्योहार में सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर
झारखंड पुलिस की इस पूरी तैयारी का फोकस केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है। भीड़ प्रबंधन, महिला सुरक्षा, यातायात, आपातकालीन सेवाओं और विसर्जन के दौरान दुर्घटनाओं की रोकथाम को भी योजना में शामिल किया गया है।पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि दुर्गा पूजा और विजयादशमी का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।












