धनबाद सिविल सर्जन का बड़ा कारनामा! 30 सितंबर को सीट होनी थी खाली, उससे पहले ही कर दिया ट्रांसफर

धनबाद: धनबाद स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, जिस पद पर 30 सितंबर 2026 को पद रिक्त होना था, उस पद पर रिक्ति से पहले ही ट्रांसफर कर दिया गया। अब सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर ट्रांसफर पोस्टिंग के मुद्दे पर इतनी जल्दबाजी क्यों? कहीं सिविल सर्जन के 30 सितंबर को रिटायरमेंट से पहले महत्वपूर्ण काम निपटाना तो नहीं चाह रहे?
मामला धनबाद सिविल सर्जन कार्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है। सवाल यह है कि जब ANM पद पर कार्यरत कर्मी की सेवा/पदस्थापना 30 सितंबर को समाप्त होकर सीट रिक्त होने वाली थी, तो उससे पहले ही उसी स्थान पर किसी दूसरे कर्मचारी का ट्रांसफर किस आधार पर कर दिया गया?
30 सितंबर तक पद खाली ही नहीं था तो ट्रांसफर कैसे?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब 30 सितंबर तक CHC गोविंदपुर में पद पर पहले से कर्मचारी तैनात था, तो उससे पहले उस पद पर ट्रांसफर का आदेश कैसे जारी किया गया?
मालूम हो कि विभागीय आदेश के अनुसार सामान्यतः वर्ष में जुलाई और दिसम्बर माह में ट्रांसफर की जाती है। जबकि इस ट्रांसफर आदेश को पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया है। आखिरकार इस विशेष ट्रांसफर के पीछे की आखिर वजह क्या है?
स्वास्थ्य विभाग में उठ रहे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि पद रिक्त होने की तारीख से पहले ही वहां ट्रांसफर कर दिया गया। इस ट्रांसफर के खेल को सिविल सर्जन के रिटायरमेंट से भी जोड़ कर देखा जा रहा है।मालूम हो कि वर्तमान सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा 30 सितंबर को सेवानिवृत होने वाले हैं।
हालांकि, पूरे मामले में धनबाद सिविल सर्जन अथवा स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि विभाग इस ट्रांसफर के पीछे का आधार और नियम स्पष्ट करे।
अब सवाल सिर्फ एक ट्रांसफर का नहीं, बल्कि यह है कि क्या पद के रिक्त होने से पहले उस पद पर ट्रांसफर करना विभागीय नियमों के अनुरूप है?












