अब ‘माननीय’ नहीं, ‘डॉक्टर जयराम महतो’ कहिए! मां की मौजूदगी में मिली PhD की उपाधि, जितिया के दिन खास बना पल


धनबाद/डुमरी। डुमरी विधायक जयराम महतो के नाम के साथ अब एक और उपलब्धि जुड़ गई है। बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) से PhD पूरी करने के बाद उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि मिली है। खास बात यह रही कि इस गौरवपूर्ण मौके पर उनकी मां भी मौजूद रहीं।

बेटे को डॉक्टरेट की उपाधि लेते हुए सामने से देखना उनके लिए खुशी और गर्व का भावुक पल बन गया।यानी अब तक जिन जयराम महतो को लोग ‘माननीय विधायक’ के तौर पर जानते थे, उनके नाम के आगे अब ‘डॉक्टर’ भी जुड़ गया है।
मां की आंखों में खुशी, बेटे की उपलब्धि पर गर्व
जयराम महतो की इस शैक्षणिक उपलब्धि का सबसे भावुक पहलू उनकी मां की मौजूदगी रही। बेटे की वर्षों की मेहनत को मुकाम तक पहुंचते देखना किसी भी मां के लिए खास पल होता है। यही वजह रही कि डॉक्टरेट की उपाधि मिलने का यह अवसर परिवार के लिए सिर्फ एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा यादगार क्षण भी बन गया।मां की मौजूदगी ने इस उपलब्धि की खुशी को और खास बना दिया। परिवार की ओर से भी इसे गर्व और खुशी का अवसर बताया गया।
जितिया के दिन मिली डॉक्टरेट, संयोग ने बढ़ाई खुशी
इस उपलब्धि का एक और भावनात्मक पहलू है। जिस दिन जयराम महतो को डॉक्टरेट की उपाधि मिली, उसी दिन जितिया पर्व भी मनाया जा रहा था। जितिया में माताएं अपने बच्चों की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं।
ऐसे में मां की मौजूदगी में बेटे को डॉक्टरेट की उपाधि मिलना परिवार के लिए एक बेहद खास संयोग बन गया। एक तरफ मां का आशीर्वाद और दूसरी तरफ बेटे की वर्षों की मेहनत का सम्मान—इसने इस दिन को जयराम महतो के जीवन के यादगार दिनों में शामिल कर दिया।
जितिया के दिन मिली PhD, संयोग ने बढ़ाया भाव
जयराम महतो की इस उपलब्धि के दिन जितिया पर्व का संयोग भी इसे खास बना रहा है। जितिया पर्व में माताएं अपने बच्चों की सुख-समृद्धि, स्वस्थ जीवन और लंबी उम्र की कामना करती हैं।ऐसे दिन मां की मौजूदगी में बेटे को डॉक्टरेट की उपाधि मिलना परिवार के लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण बन गया। एक ओर मां का आशीर्वाद और दूसरी ओर बेटे की वर्षों की मेहनत का परिणाम—इस संयोग ने पूरे अवसर को यादगार बना दिया।
राजनीति के साथ पढ़ाई में भी हासिल किया मुकाम
जयराम महतो झारखंड के सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और डुमरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। राजनीतिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई का सिलसिला भी जारी रखा। PhD पूरी करना उनके शैक्षणिक सफर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर सामने आया है।
अब उनकी पहचान में एक नया पहलू जुड़ गया है। जनता उन्हें विधायक के रूप में जानती है, जबकि शिक्षा के क्षेत्र में PhD की उपाधि हासिल करने के बाद वे अकादमिक उपलब्धि रखने वाले जनप्रतिनिधि के तौर पर भी चर्चा में हैं।
‘माननीय’ के साथ अब ‘डॉक्टर’ भी
जयराम महतो की इस उपलब्धि के बाद सबसे दिलचस्प बदलाव उनके संबोधन को लेकर होगा। अब तक उनके नाम के साथ ‘माननीय विधायक’ जुड़ता रहा है, लेकिन PhD की उपाधि मिलने के बाद ‘डॉक्टर जयराम महतो’ भी उनके नाम का हिस्सा बन गया है।
कह सकते हैं कि राजनीतिक सफर में विधायक की जिम्मेदारी निभा रहे जयराम महतो ने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी एक अलग पहचान दर्ज कराई है।अब जयराम महतो को सिर्फ ‘माननीय’ कहकर काम नहीं चलेगा, उनके नाम के आगे ‘डॉक्टर’ भी जुड़ चुका है। मां की मौजूदगी में मिली यह उपाधि उनके शैक्षणिक सफर और परिवार दोनों के लिए लंबे समय तक यादगार रहने वाली है।












