close
LIVE UPDATE

Migraine Pain: माइग्रेन के दर्द में राहत के नाम पर न करें ये 8 गलतियां, जानें कौन-से तरीके हैं फायदेमंद और किनसे बढ़ सकता है खतरा

माइग्रेन में अंधेरे कमरे, कोल्ड कैप, बोटॉक्स और पानी पीने से कितनी राहत मिलती है? जानें 8 चर्चित तरीकों की सच्चाई और खतरनाक उपायों से बचाव।

हेल्थ डेस्क। माइग्रेन केवल सामान्य सिरदर्द नहीं है, बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जो व्यक्ति की दिनचर्या, नींद और काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। माइग्रेन के दौरान सिर में तेज या धड़कन जैसा दर्द, मतली, उल्टी तथा तेज रोशनी और आवाज के प्रति संवेदनशीलता जैसी परेशानियां हो सकती हैं। कई बार दर्द इतना बढ़ जाता है कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है।

माइग्रेन से राहत पाने के लिए लोग घरेलू नुस्खों से लेकर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले अलग-अलग तरीकों तक को आजमाते हैं। हालांकि, हर वायरल नुस्खा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं होता। कुछ उपाय अस्थायी राहत दे सकते हैं, जबकि कुछ तरीके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं माइग्रेन में राहत देने वाले 8 चर्चित तरीकों की सच्चाई।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

1. अंधेरे और शांत कमरे में आराम करना

माइग्रेन के दौरान तेज रोशनी और शोर से परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में शांत, कम रोशनी वाले कमरे में आराम करना और पर्याप्त नींद लेना कुछ लोगों को राहत दे सकता है। माइग्रेन के दौरान शरीर को आराम देना उपयोगी हो सकता है, लेकिन बार-बार होने वाले दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

2. क्रोनिक माइग्रेन में बोटॉक्स ट्रीटमेंट

बोटॉक्स यानी बोटुलिनम टॉक्सिन के इंजेक्शन का इस्तेमाल कुछ वयस्क मरीजों में क्रोनिक माइग्रेन को रोकने के लिए किया जाता है। यह उपचार सामान्य सिरदर्द का तुरंत समाधान नहीं है। क्रोनिक माइग्रेन में आम तौर पर महीने में 15 या उससे अधिक दिन सिरदर्द होता है और कम से कम 8 दिन माइग्रेन की विशेषताएं रहती हैं। इसका उपयोग योग्य चिकित्सक की सलाह और निगरानी में ही किया जाना चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

3. माइग्रेन कैप या कोल्ड कैप से मिल सकती है राहत

माइग्रेन कैप या सिर पर ठंडी पट्टी रखने से कुछ लोगों को दर्द के दौरान आराम महसूस हो सकता है। ठंडक दर्द की अनुभूति को कम करने में सहायक हो सकती है, लेकिन इसके प्रभाव को लेकर उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। इसे माइग्रेन का स्थायी इलाज नहीं माना जाना चाहिए। बर्फ को सीधे त्वचा पर लगाने के बजाय कपड़े में लपेटकर इस्तेमाल करना बेहतर है।

4. पर्याप्त पानी पीना क्यों है जरूरी?

शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन कुछ लोगों में सिरदर्द को बढ़ा सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा पानी पीने से माइग्रेन तुरंत ठीक नहीं होता और अत्यधिक पानी शरीर में सोडियम का स्तर खतरनाक रूप से कम कर सकता है। पानी की मात्रा मौसम, गतिविधि और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार होनी चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

5. फ्रेंच फ्राइज और कोल्ड ड्रिंक से माइग्रेन ठीक होता है?

कुछ लोग मानते हैं कि फ्रेंच फ्राइज या कैफीन वाली कोल्ड ड्रिंक लेने से माइग्रेन में राहत मिल सकती है। वास्तविकता यह है कि कैफीन कुछ परिस्थितियों में सिरदर्द की दवाओं के असर को बढ़ा सकती है, लेकिन इसका प्रभाव हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। अधिक कैफीन लेने या नियमित सेवन अचानक बंद करने से भी सिरदर्द हो सकता है।
फ्रेंच फ्राइज माइग्रेन का प्रमाणित उपचार नहीं हैं। कुछ लोगों में खास खाद्य पदार्थ ट्रिगर हो सकते हैं, इसलिए अपने सिरदर्द और खानपान के बीच संबंध को समझना उपयोगी है। केवल वायरल दावों के आधार पर फास्ट फूड या कोल्ड ड्रिंक को इलाज न बनाएं।

6. पैरों को गर्म पानी में रखना और सिर पर आइस पैक लगाना

कुछ लोग माइग्रेन के दौरान पैरों को गर्म पानी में रखते हैं और सिर पर ठंडी पट्टी या आइस पैक लगाते हैं। सिर पर हल्की ठंडक से कुछ लोगों को आराम मिल सकता है, लेकिन पैरों को गर्म पानी में रखने से माइग्रेन ठीक होने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
यदि ठंडक से राहत मिलती है, तो इसे सहायक उपाय के रूप में अपनाया जा सकता है। बहुत ज्यादा ठंड या गर्मी से बचें और त्वचा को नुकसान न पहुंचने दें।

7. सिर पर पानी की बोतल उछालना कितना खतरनाक?

सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो में सिर पर पानी की बोतल उछालने या टकराने से माइग्रेन का दर्द कम करने के दावे किए जाते हैं। इस तरीके के प्रभाव का कोई भरोसेमंद वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। सिर पर जानबूझकर चोट पहुंचाने से त्वचा, सिर की हड्डियों और मस्तिष्क को नुकसान पहुंच सकता है।इसलिए माइग्रेन से राहत पाने के लिए सिर पर बोतल मारने या टकराने जैसे तरीकों को बिल्कुल न आजमाएं। दर्द का इलाज सुरक्षित और प्रमाणित उपायों से ही करना चाहिए।

8. गर्दन को जोर से घुमाना या चटकाना पड़ सकता है भारी

माइग्रेन से राहत पाने के लिए कुछ लोग गर्दन को जोर से घुमाते हैं या किसी से गर्दन की तेज मैनिपुलेशन करवाते हैं। इसे माइग्रेन का भरोसेमंद इलाज नहीं माना जाता। गर्दन पर अचानक और जोरदार दबाव डालने से गंभीर जटिलताओं का जोखिम हो सकता है, जिसमें गर्दन की रक्त वाहिकाओं को नुकसान भी शामिल है।गर्दन में अकड़न या दर्द हो तो डॉक्टर की सलाह से सुरक्षित व्यायाम और फिजियोथेरेपी पर विचार किया जा सकता है। गर्दन को झटके से चटकाने से बचें।

माइग्रेन होने पर क्या करें?

माइग्रेन के मरीज कुछ सावधानियां अपनाकर दर्द को संभालने में मदद पा सकते हैं:
• नियमित समय पर सोएं और पर्याप्त नींद लें।
• दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।
• भोजन समय पर करें और लंबे समय तक भूखे न रहें।
• तेज रोशनी और शोर से परेशानी होने पर शांत जगह पर आराम करें।
• सिरदर्द कब होता है, कितनी देर रहता है और उससे पहले क्या खाया या किया था, इसका रिकॉर्ड रखें।
• बार-बार माइग्रेन होने पर डॉक्टर से सलाह लेकर उचित उपचार कराएं।
• दर्द की दवाओं का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे सिरदर्द और बढ़ सकता है।

कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

यदि अचानक जीवन का सबसे तेज सिरदर्द शुरू हो जाए, बोलने में कठिनाई हो, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन हो, भ्रम की स्थिति बने, बेहोशी आए या तेज बुखार के साथ गर्दन अकड़ जाए, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। सिर में चोट लगने के बाद तेज दर्द होने पर भी तुरंत जांच कराना जरूरी है।यदि सिरदर्द बार-बार हो रहा है, पहले से अलग महसूस होता है या धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो चिकित्सकीय जांच कराएं।

माइग्रेन में अंधेरे कमरे में आराम, पर्याप्त पानी और ठंडी पट्टी जैसे उपाय कुछ लोगों को राहत दे सकते हैं। वहीं, सिर पर बोतल मारना या गर्दन को जोर से चटकाना जैसे तरीके जोखिम भरे हैं। बोटॉक्स का उपयोग भी केवल चुनिंदा मरीजों में चिकित्सकीय निगरानी के तहत किया जाता है।

ध्यान रखें: माइग्रेन के लिए हर व्यक्ति पर एक जैसा उपाय काम नहीं करता। सोशल मीडिया के दावों पर भरोसा करने के बजाय प्रमाणित चिकित्सा सलाह लें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से संपर्क करें।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *