कैबिनेट मंत्री ही पति से प्रताड़ित! ‘मेरे पति के दूसरी महिलाओं से संबंध’, रोते हुए रेखा आर्या ने बताई आपबीती, पति पर दर्ज करायी FIR
मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ FIR दर्ज कराई। मारपीट, प्रताड़ना, जालसाजी और हत्या की साजिश के आरोप लगाए।

Cabinet Rekha Arya : कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का एक भावुक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। मंत्री ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में FIR दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने दूसरी महिलाओं से संबंध रखने, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का जिक्र करते हुए कहा कि उसे सुनने के बाद वह अंदर तक झकझोर गईं और अपनी तथा बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस के पास जाने का फैसला लिया।
‘मेरे वैवाहिक जीवन पर सवाल खड़ा हो गया’
रेखा आर्या ने अपने वीडियो में भावुक होते हुए कहा कि एक ऑडियो ने उनके वैवाहिक जीवन पर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से रिश्ते निभाने के बावजूद उन्हें ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्री के मुताबिक, ऑडियो सुनने के बाद उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी। इसी वजह से उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया। उन्होंने महिलाओं से घरेलू प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की।
पति के दूसरी महिलाओं से संबंध रखने का आरोप
रेखा आर्या ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पति गिरधारी लाल साहू के दूसरी महिलाओं से संबंध हैं। मंत्री के अनुसार, जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पति ने पहले की शादी की बात उनसे छिपाई थी।
शिकायत के मुताबिक, दोनों का विवाह वर्ष 2004 में हुआ था। रेखा आर्या का आरोप है कि शादी के समय उन्हें पति की पहली शादी के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। बाद में इस बात का पता चलने पर भी उन्होंने पारिवारिक परिस्थितियों के कारण चुप रहना उचित समझा।
ऑडियो सुनकर क्यों पहुंचीं पुलिस के पास?
मंत्री ने दावा किया है कि उन्हें हाल ही में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली, जिसमें उनके पति एक महिला से बातचीत कर रहे हैं। रेखा आर्या के आरोप के मुताबिक, इस बातचीत में उन्हें नुकसान पहुंचाने की कथित साजिश से जुड़ी बातें हैं।
उन्होंने कहा कि इस ऑडियो ने उन्हें अपनी और बच्चों की सुरक्षा के बारे में गंभीरता से सोचने पर मजबूर किया। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें हुई बातचीत के संदर्भ की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी के भी आरोप
रेखा आर्या ने पति पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया है। इसके अलावा, उन्होंने दस्तावेजों पर कथित फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें कंपनी के निदेशक पद से हटाने की शिकायत की है।
मंत्री की शिकायत पर कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में संबंधित आपराधिक प्रावधानों के साथ अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।
पहली शादी छिपाने और दूसरी महिलाओं से संबंध रखने का आरोप
मंत्री की शिकायत के अनुसार, उनकी शादी वर्ष 2004 में गिरधारी लाल साहू से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाह के समय साहू ने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। रेखा आर्या का दावा है कि बाद में उन्हें इस बारे में पता चला, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों और बच्चों को ध्यान में रखते हुए वह चुप रहीं।उन्होंने अपने पति पर दूसरी महिलाओं से संबंध रखने और इसका विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है।
मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने की शिकायत
FIR में रेखा आर्या ने आरोप लगाया है कि पति ने उनके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की। शिकायत के मुताबिक, विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके सरकारी आवास पर कर्मचारियों के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें अपमानित किया गया।मंत्री अनुसूचित जाति समुदाय से आती हैं। उनकी शिकायत के आधार पर मामले में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
वीडियो के बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
शिकायत दर्ज कराने और सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने के बाद रेखा आर्या की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उन्हें देहरादून के कृष्णा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फिलहाल, इस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और संबंधित साक्ष्यों का सत्यापन महत्वपूर्ण है। गिरधारी लाल साहू का पक्ष सामने आने और पुलिस जांच के निष्कर्षों से मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। FIR में लगाए गए आरोप अभी आरोप हैं, जिन्हें जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रमाणित किया जाना बाकी है।












