DSE ने दो शिक्षक नेताओं पर दर्ज कराया मामला: नाराज शिक्षक संगठन ने खोला मोर्चा, संघ ने आरोपों को बताया मनगढ़ंत, जानिये क्या है पूरा मामला
DSE files case against two teacher leaders: Agitated teachers' association launches protest; union dismisses allegations as fabricated—here are the details of the entire matter.

रांची। DSE ने दो शिक्षक नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। DSE की इस कार्यशैली की शिक्षक संघ ने निंदा की है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने धनबाद की जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) शालिनी डुंगडुंग द्वारा संघ के जिला अध्यक्ष सुनील भगत और महासचिव सियाराम प्रसाद सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की निंदा की है। संघ के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने डीएसई की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत और मनगढ़ंत बताया है। हालांकि, यह संघ का पक्ष है और मामले में दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
अधिकारियों से मिलना शिक्षक प्रतिनिधियों की सामान्य प्रक्रिया : संघ
संघ ने कहा कि शिक्षक प्रतिनिधि शिक्षकों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने और उनके समाधान के लिए नियमित रूप से मुलाकात करते हैं। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत एक सामान्य प्रक्रिया है। ऐसे में शिक्षक प्रतिनिधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने से शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
संघ ने आशंका जताई कि इस तरह के विवाद से शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों के बीच संवाद प्रभावित हो सकता है, जिसका असर शैक्षणिक माहौल पर भी पड़ने की संभावना है। संगठन ने शिक्षक प्रतिनिधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
कई शिक्षक प्रतिनिधियों ने जताया विरोध
इस मामले की निंदा करने वाले शिक्षक प्रतिनिधियों में अनूप केसरी, राममूर्ति ठाकुर, नसीम अहमद, असदुल्लाह, बाल्मीकि कुमार, हरिकृष्णा चौधरी, दीपक दत्ता, अनिल कुमार, राकेश कुमार, अजय ज्ञानी, प्रभात कुमार, अमरेश सिंह, रविकांत रवि, सुधीर दुबे, सुरंजन कुमार, संजय कुमार, सचिनानंद सिंह, मानिक प्रसाद सिंह और दिलीप श्रीवास्तव समेत अन्य लोग शामिल हैं।
शिक्षक प्रतिनिधियों ने इस प्रकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षक संगठनों और शिक्षा विभाग के बीच संवाद एवं समन्वय बनाए रखना आवश्यक है। फिलहाल, इस मामले में संघ की ओर से डीएसई के आरोपों को खारिज किया गया है। पूरे प्रकरण में दोनों पक्षों की बात सामने आने के बाद ही विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जानिये क्या है पूरा मामला
धनबाद की डीएसई शालिनी डुंगडुंग ने अखिल झारखंड प्राथमिकी शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार भगत और महासचिव सियाराम प्रसाद सिंह के खिलाफ धनबाद थाना में सोमवार को प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोप है कि संघ के दोनों प्रतिनिधियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्हें बुरे परिणाम की धमकी दी। साथ ही उनकी सरकारी गाड़ी को रोक कर उन्हें क्षति पहुंचाने का प्रयास किया। डीएसई ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 10 अक्तूबर की शाम करीब पांच से साढ़े पांच बजे के बीच मिश्रित भवन स्थित शिक्षा विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में वह बाघमारा की बीपीओ रिंकी कौर के साथ दैनिक कार्यों का निष्पादन कर रही थीं। इसी दौरान संघ का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर कॉन्फ्रेंस हॉल में पहुंचा। वार्ता के दौरान संघ के अध्यक्ष सुनील भगत तेज आवाज में चिल्लाने लगे और अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे थे। माहौल को असुरक्षित पाकर जब उन्होंने अपने सरकारी वाहन से निकलने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उनका पीछा किया और बाहर बैंक ऑफ इंडिया के सामने उनकी गाड़ी को घेर लिया।












