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हेमंत सोरेन की याचिका पर 30 जनवरी को होगी सुनवाई, जमीन से जुड़े मनी लांड्रिंग केस में मिलेगी राहत या फिर …

Hemant Soren's petition will be heard on January 30, will he get relief in the money laundering case related to land or else...

Hement Soren News/19.1.26: झारखंड में 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज पिटीशन पर 30 जनवरी को सुनवाई होगी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े 8.86 एकड़ जमीन के कथित फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक अहम कानूनी मोड़ सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा दायर डिस्चार्ज पिटीशन पर 30 जनवरी को पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष अदालत में सुनवाई होगी। इससे पहले सोमवार को इस याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई की गई।

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 5 दिसंबर 2025 को विशेष अदालत में डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल करते हुए स्वयं को निर्दोष बताया था और अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें इस मामले में आरोपों से मुक्त किया जाए। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं और उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई ठोस सबूत नहीं है।

दरअसल रांची के बड़गाईं अंचल स्थित 8.86 एकड़ जमीन के कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा ये पूरा मामला है, जिसे लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले कुछ वर्षों में कई चरणों में जांच की है। ईडी ने इस केस में कई जमीन कारोबारियों, बिचौलियों और संदिग्ध व्यक्तियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान दस्तावेजों में हेराफेरी और अवैध लेन-देन के आरोप सामने आए थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कुल 10 बार समन भेजा था, जिनमें से वे केवल दो बार पूछताछ के लिए उपस्थित हुए। 31 जनवरी 2024 को लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया और लगभग पांच महीने बाद अदालत से उन्हें जमानत मिली थी।

आपको बता दें कि इस केस में कई अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की गई है। जेएमएम नेता अंतू तिर्की सहित कई जमीन कारोबारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। ईडी ने 30 मार्च 2024 को इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बड़गाईं अंचल के निलंबित उप राजस्वकर्मी भानु प्रताप प्रसाद, आर्किटेक्ट विनोद सिंह, रैयत राजकुमार पाहन और जमीन कारोबारी हिलेरियस कच्छप के नाम शामिल थे।

इसके बाद ईडी ने 7 जून 2024 को दूसरी चार्जशीट दाखिल की, जिसमें जेएमएम नेता अंतू तिर्की समेत कुल 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि जमीन से जुड़े इस कथित घोटाले के जरिए अवैध संपत्ति अर्जित की गई और उसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए छिपाने का प्रयास किया गया।अब 30 जनवरी को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

यदि अदालत मुख्यमंत्री की डिस्चार्ज पिटीशन स्वीकार करती है, तो यह उनके लिए बड़ी राहत होगी। वहीं, याचिका खारिज होने की स्थिति में मामले की सुनवाई और आगे बढ़ेगी। यह मामला न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी झारखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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