झारखंड: बाबा बागेश्वर के नाम पर महिला कर्मचारी के साथ हो गया कांड, पुलिस में पहुंचा मामला, CCTV से शुरू हुई पड़ताल, जानिये मामला
Jharkhand: A female employee was attacked in the name of Baba Bageshwar, the matter reached the police, investigation started through CCTV, know the matter.

Palamu/12.06.25। बाबा बागेश्वर के नाम पर एक महिला कर्मचारी के साथ कांड हो गया। अब पुलिस के पास पूरा मामला है, जहां वो CCTV के नाम पर जांच कर रही है। पूरा मामला पलामू जिले के मेदिनीनगर का है, जहां आंगनबाड़ी सुपरवाइजर से जेवर शुद्धिकरण के नाम पर लाखों रुपये मूल्य के सोने के आभूषण ठग लिए गए। ठगों ने खुद को बाबा बागेश्वर से जुड़ा बताते हुए महिला को भावनात्मक रूप से डराया और फिर आभूषण लेकर फरार हो गए।
मेदिनीनगर शहर के बैरिया चौक इलाके में पीड़िता आंगनबाड़ी सुपरवाइजर पुष्पा देवी किराए के मकान में रहती हैं। पुष्पा देवी किसी निजी काम से अपने घर से निकली थीं और पास की एक दुकान पर गई थीं। दुकान से लौटने के दौरान एक युवक ने उनसे बातचीत शुरू की और डॉ. कविता का पता पूछने लगा। बातचीत के क्रम में युवक ने खुद को बाबा बागेश्वर से जुड़ा हुआ बताते हुए कहा कि वह उनके यहां से आया है। शुरुआती बातचीत के बाद युवक ने अचानक ऐसा दावा किया, जिसने पूरी घटना की दिशा बदल दी।
बेटे की जान को बताया खतरा
ठग युवक ने पुष्पा देवी से कहा कि उनका इकलौता बेटा है और उसकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस कथित खतरे को टालने के लिए युवक ने धार्मिक और तांत्रिक उपायों की बात कही। उसने दावा किया कि अगर समय रहते विशेष पूजा और “जेवर शुद्धिकरण” नहीं कराया गया, तो बेटे को भारी नुकसान हो सकता है।
इस दौरान एक दूसरा युवक भी मौके पर पहुंच गया, जिसने पहले युवक की बातों का समर्थन किया। दोनों ने मिलकर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को पूरी तरह भावनात्मक रूप से तोड़ दिया और डर का माहौल बना दिया। बेटे की सुरक्षा की चिंता में पुष्पा देवी उनकी बातों में आ गईं।
जेवर शुद्धिकरण के नाम पर ठगी
ठगों ने कहा कि खतरे को टालने के लिए सोने के जेवरात का शुद्धिकरण जरूरी है। उनकी बातों में आकर पुष्पा देवी ने अपने पास मौजूद सोने के कुल 12 अलग-अलग प्रकार के जेवरात दोनों युवकों को सौंप दिए। बताया जा रहा है कि इन जेवरातों की कीमत लाखों रुपये में है।
जेवर लेने के बाद ठगों ने एक धार्मिक अनुष्ठान जैसा नाटक किया और फिर पुष्पा देवी को निर्देश दिया कि वह 52 कदम पीछे जाकर खड़ी हो जाएं और पीछे मुड़कर न देखें। जैसे ही वह बताए अनुसार पीछे चलीं, दोनों युवक जेवरात लेकर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद मचा हड़कंप
कुछ देर बाद जब पुष्पा देवी को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने शोर मचाया और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मामले की सूचना मेदिनीनगर टाउन थाना को दी गई। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं, जिनमें संदिग्ध युवकों की गतिविधियां कैद होने की बात कही जा रही है। फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
कोढ़ा गैंग की आशंका
मेदिनीनगर टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस ठगी की घटना के पीछे कुख्यात कोढ़ा गैंग के सदस्य हो सकते हैं। यह गैंग देश के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह के ठगी के मामलों को अंजाम देने के लिए कुख्यात है।थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गहन जांच की जा रही है।









