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झारखंड में फिर हाथियों का तांडव सुन दहल उठेंगे आप :एक ही परिवार के 4 सदस्यों समेत 5 की मौत, गांव में मातम और दहशत

You will be shocked to hear about the rampage of elephants in Jharkhand again: Five people, including four members of the same family, have died, leaving the village in mourning and panic.

हजारीबाग (चुरचू): झारखंड के हजारीबाग जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में बीती रात पांच हाथियों के एक झुंड ने भारी तबाही मचाते हुए 5 ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला। मरने वालों में एक ही परिवार के चार लोग शामिल हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और ग्रामीण दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।

​रात के सन्नाटे में मौत का तांडव

​घटना देर रात लगभग 1 से 2 बजे के बीच की है। बताया जा रहा है कि पांच हाथी का यह झुंड अनाज की तलाश में भुइयां समुदाय के एक घर में घुस गया। घर के अंदर परिवार के सदस्य सो रहे थे। जैसे ही हाथियों ने हमला किया, जान बचाने के लिए लोग बाहर की ओर भागे, लेकिन उग्र हाथियों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

  • हताहत: घटनास्थल पर ही 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
  • घायल: एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

​वन विभाग की चेतावनी और बचाव कार्य

​पूर्वी वन प्रमंडल के DFO विकास कुमार उज्ज्वल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाथियों का यह झुंड मूल रूप से बोकारो और रामगढ़ की सीमा से गुजर रहा था। इनके हजारीबाग की सीमा में इतनी जल्दी प्रवेश करने की उम्मीद नहीं थी।

​”बीती रात विभाग द्वारा इलाके में माइकिंग कर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन दुर्भाग्यवश लोग सावधानी नहीं बरत पाए और यह भीषण हादसा हो गया। फिलहाल विभाग के अधिकारी मौके पर हैं और परिजनों को सरकारी प्रावधानों के तहत उचित सहायता और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।” — विकास कुमार उज्ज्वल, DFO

 

​वन विभाग की अपील: “जंगल की ओर न जाएं”

​हाथी वर्तमान में काफी उग्र स्थिति में हैं। वन विभाग ने गोंदवार और आसपास के ग्रामीणों से निम्नलिखित अपील की है:

  1. धैर्य बनाए रखें: उत्तेजित होकर हाथियों को छेड़ने या उनके करीब जाने की कोशिश न करें।
  2. जंगल से दूरी: अगले कुछ दिनों तक कोई भी व्यक्ति अकेले या समूह में जंगल की ओर न जाए।
  3. सतर्कता: रात के समय घरों के बाहर न सोएं और विभाग के निर्देशों का पालन करें।

​हाथियों के इस हिंसक व्यवहार ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की भयावह तस्वीर पेश की है। प्रशासन अब हाथियों के झुंड को रिहायशी इलाके से दूर खदेड़ने के प्रयास में जुटा है।

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