झारखंड में कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 60 दिन के भीतर होगा समस्याओं का समाधान, कैबिनेट के फैसले के बाद अधिसूचना जारी…
Good news for employees in Jharkhand, problems will be resolved within 60 days, notification issued after cabinet decision...

झारखंड से बड़ी खबर है, जहां झारखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “झारखंड सरकारी सेवक शिकायत नियमावली 2026” लागू कर दी है। इसके तहत अब कर्मचारियों की शिकायतों का निपटारा अधिकतम 60 दिनों के भीतर किया जाएगा। कैबिनेट से मुहर के बाद ये पहल शुरू की गयी है।
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रांची। झारखंड सरकार ने अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बड़ा कदम उठाया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नई नियमावली लागू कर दी है। जारी अधिसूचना के अनुसार “झारखंड सरकारी सेवक शिकायत नियमावली 2026” को गजट में प्रकाशित कर दिया गया है, जिसके साथ ही यह पूरे राज्य में प्रभावी हो गई है।
जारी हुई अधिसूचना
इस नई व्यवस्था के तहत अब राज्य के कोई भी सेवारत या सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी सेवा संबंधी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और इन शिकायतों का निपटारा अधिकतम 60 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
शिकायत के निवारण के लिए अधिकारी होंगे नियुक्त
नियमावली के अनुसार, प्रत्येक विभाग और जिला स्तर पर “सेवा शिकायत निवारण पदाधिकारी” नियुक्त किए जाएंगे। विभागों में यह जिम्मेदारी उप सचिव या उससे ऊपर के पदाधिकारी को दी जाएगी, जबकि जिलों में स्थापना शाखा के वरीय प्रभारी या अनुमंडल पदाधिकारी स्तर के अधिकारियों को यह दायित्व सौंपा जाएगा।
इस तरह की समस्या का होगा समाधान
ये पदाधिकारी शिकायतों की सुनवाई कर निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्णय देंगे और उसकी जानकारी संबंधित शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराएंगे।इस नियमावली का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। इसके अंतर्गत नियुक्ति, सेवा पुष्टि, वेतन भुगतान, वेतन वृद्धि, प्रोन्नति, कालबद्ध प्रोन्नति, एसीपी (ACP), एमएसीपी (MACP), वरीयता निर्धारण, अवकाश स्वीकृति (आकस्मिक अवकाश को छोड़कर) और सेवांत लाभ जैसे पेंशन, ग्रेच्युटी, समूह बीमा, अर्जित अवकाश के बदले नकद भुगतान तथा सामान्य भविष्य निधि (GPF) से संबंधित सभी मामलों को शामिल किया गया है।
कर्मचारी को देनी होगी लिखित शिकायत
नई व्यवस्था के तहत शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी स्पष्ट की गई है। कर्मचारी को लिखित आवेदन के साथ संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे और यह भी बताना होगा कि शिकायत किस कार्यालय या पदाधिकारी से संबंधित है। एक आवेदन में केवल एक ही विषय पर शिकायत दर्ज की जा सकेगी। यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके आश्रित भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
60 दिन में होगा शिकायतों का निपटारा
शिकायत प्राप्त होने के बाद उसे पंजी में दर्ज किया जाएगा और शिकायतकर्ता को पावती दी जाएगी। इसके बाद तीन कार्यदिवस के भीतर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा।
नियमावली में हैं कई प्रावधान
यदि शिकायत किसी अन्य विभाग या जिले से संबंधित पाई जाती है, तो उसे संबंधित विभाग को अग्रसारित कर दिया जाएगा और इसकी सूचना शिकायतकर्ता को दी जाएगी। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की हर बार उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है।इस नियमावली में अपील का भी प्रावधान किया गया है, जिससे यदि कोई कर्मचारी निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह उच्च स्तर पर अपील कर सकता है। इससे कर्मचारियों को न्याय पाने का एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
कर्मचारी संगठन ने किया स्वागत
इधर, ऑल झारखंड पारा मेडिकल एसोसिएशन (AJPMA) ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है, प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने कहा है कि कर्मचारियों की समस्या के समाधान की दिशा में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने से विभागों के चक्कर लगाने होते थे, उम्मीद है अब त्वरित समाधान होगा।
झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ ने इस फैसले का स्वागत किया है। महासंघ के उपाध्यक्ष मृत्युंजय झा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जहां कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध व्यवस्था बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि अब तक कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर वर्षों तक विभागों के चक्कर काटते रहते थे, लेकिन अब तीन दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू होने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियमावली के लागू होने से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों की कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही, लंबित मामलों के त्वरित निपटारे से प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी।









