close
LIVE UPDATE

झारखंड: पेट्रोल-डीजल की किल्लत पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का केंद्र पर तंज, बोले- “देश के राजा वही हैं”

Jharkhand: Chief Minister Hemant Soren taunts the Centre over petrol and diesel shortage, saying, "They are the kings of the country."

रांची/19.5.26। झारखंड सहित देशभर में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस को लेकर उत्पन्न संकट के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसा है। रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने पेट्रोल-डीजल की स्थिति, वीआईपी कारकेड कम करने की प्रधानमंत्री की अपील, नीट पेपर लीक विवाद और सरना धर्म कोड जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज पेट्रोल पंपों के बाहर जो हालात दिखाई दे रहे हैं, वह अचानक पैदा नहीं हुए हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “यह स्थिति कोई नई नहीं है, यह तो वर्ष 2014 से ही बनी हुई है।” मुख्यमंत्री का इशारा केंद्र की मौजूदा नीतियों और व्यवस्था की ओर माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन संकट और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर आम जनता लगातार परेशान हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन की खपत कम करने और वीआईपी कारकेड छोटा रखने की सलाह पर भी मुख्यमंत्री ने तंज कसा। उन्होंने कहा, “अब तो देश के राजा वही हैं, देखिए क्या-क्या करवाते हैं।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “देश की स्टेयरिंग सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठे हैं, वह जैसा चाहेंगे देश वैसा ही चलेगा।” मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

मुख्यमंत्री ने NEET पेपर लीक मामले पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार इस तरह के मामलों से देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हर जगह एक जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं, लेकिन NEET पेपर लीक के बाद एक मेधावी छात्र की जान चली गई, उसकी चिंता कौन करेगा?” उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे लाखों छात्रों का भविष्य जुड़ा होता है।

इसके अलावा जनगणना में अलग सरना धर्म कोड की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर भी मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों द्वारा इस मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने पलटकर कहा, “आपके लिए जनगणना प्रपत्र में अलग कॉलम है न, जब आपका कॉलम कटेगा तब हमारी मांग क्यों जरूरी है, इसका एहसास होगा।” मुख्यमंत्री के इस बयान को आदिवासी समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।

झारखंड में सरना धर्म कोड का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र रहा है। राज्य सरकार पहले भी केंद्र सरकार से जनगणना में आदिवासी समुदाय के लिए अलग सरना धर्म कोड की मांग कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कई बार कहा है कि आदिवासी समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को अलग मान्यता मिलनी चाहिए।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *