वेतन कब मिलेगा सरकार ?….7 महीने से वेतन के लिए तरस रहे चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मी, 24 जिलों के 300 कर्मचारियों ने उठाई आवाज
Child helpline workers deprived of salaries for 7 months; 300 employees across 24 districts raise their voices.

रांची/धनबाद: झारखंड में कई विभाग के कर्मचारी इन दिनों वेतन की समस्या से जूझ रहे है।वित्तीय वर्ष 2026-27 की बात करें तो जून माह बीतने को है कर्मियों को वेतन अब तक प्राप्त नहीं हो सका है ताजा मामला बाल विकास विभाग के कर्मियों का है जो भुखमरी के कगार पर हैं।
झारखंड के 24 जिलों में संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) में संविदा पर कार्यरत करीब 300 कर्मचारियों को पिछले सात महीनों से वेतन नहीं मिला है। लगातार वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। कई कर्मचारियों ने बताया कि परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है और उन्हें उधार लेकर गुजारा करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने सुनाई दास्तान
कर्मचारियों का कहना है कि वे दिन-रात बच्चों की सुरक्षा, रेस्क्यू और पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगे रहते हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि वेतन भुगतान में हर बार कई महीनों की देरी होती है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, चाइल्ड हेल्पलाइन का संचालन आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा है। एजेंसी का कहना है कि महिला एवं बाल विकास विभाग से भुगतान नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं हो पा रहा है। बताया गया कि सरकार की ओर से अगस्त 2025 तक के बिल का भुगतान किया गया था, जबकि कर्मचारियों को नवंबर 2025 तक का वेतन मिला था। इसके बाद विभाग से राशि जारी नहीं होने के कारण भुगतान अटक गया।
शीघ्र भुगतान का दिया आश्वासन
वहीं, महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक विजय सिन्हा ने कर्मचारियों को जल्द राहत मिलने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी, लेकिन अब प्रक्रिया पूरी की जा रही है। विभाग का दावा है कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।
कर्मचारियों ने रखी ये मांग
इधर, कर्मचारियों ने सरकार से शीघ्र वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण सेवा से जुड़े कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना आवश्यक है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।









