झारखंड: शिवालय के पास खुदाई में मिली पुरानी लोहे की तिजोरी, पुलिस ने कब्जे में ली; अंदर क्या है, अभी रहस्य, जानिये किसका होगा हक
प्राचीन शिवालय के पास भवन की नींव की खुदाई में पुरानी लोहे की तिजोरी मिली। पुलिस ने कब्जे में लिया। जानिए जमीन में मिले खजाने पर भारतीय कानून क्या कहता है।

Jharkhand News। रमना बाजार स्थित प्राचीन शिवालय के पास आवासीय भवन की नींव के लिए चल रही खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से एक पुरानी लोहे की तिजोरी मिलने से इलाके में हलचल मच गई। जेसीबी की खुदाई के दौरान भारी वस्तु से टकराने के बाद जब मिट्टी हटाई गई तो जमीन के अंदर दबा लोहे का संदूकनुमा ढांचा दिखाई दिया।तिजोरी मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। प्राचीन शिवालय के समीप जमीन के भीतर से पुरानी वस्तु मिलने के कारण लोग इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाने लगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रमना थाना पुलिस ने तिजोरी को अपने कब्जे में ले लिया।
जेसीबी के बकेट से टकराई जमीन के अंदर छिपी तिजोरी
बताया गया कि भवन निर्माण के लिए संबंधित जमीन पर जेसीबी से नींव की खुदाई कराई जा रही थी। इसी दौरान जेसीबी का बकेट जमीन के भीतर किसी भारी लोहे की वस्तु से टकराया। मशीन रोकने के बाद आसपास की मिट्टी सावधानी से हटाई गई तो वहां एक पुरानी और जंग लगी लोहे की तिजोरी मिली। खुदाई के दौरान जेसीबी के झटके से तिजोरी का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की बात भी सामने आई है।
पुरानी तिजोरी देखकर लोगों में बढ़ी उत्सुकता
शिवालय के समीप जमीन के अंदर से मिली तिजोरी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। तिजोरी काफी पुरानी और जंग लगी दिखाई दे रही है।स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गईं। कोई इसे पुराने समय की संपत्ति से जोड़ रहा है तो कोई इसके ऐतिहासिक महत्व की संभावना जता रहा है।हालांकि, तिजोरी वास्तव में कितनी पुरानी है, इसमें कभी कोई कीमती सामान रखा गया था या नहीं और इसका ऐतिहासिक महत्व है या नहीं, इन सवालों का जवाब अभी नहीं मिला है। इनका निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।
तिजोरी के अंदर क्या है, अभी सामने नहीं आया
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि तिजोरी के अंदर क्या है। पुलिस ने इसे अपने कब्जे में ले लिया है और अभी उसके भीतर मौजूद किसी वस्तु को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।इसलिए सोशल मीडिया या स्थानीय स्तर पर चल रही सोना-चांदी अथवा खजाना मिलने की चर्चाओं की फिलहाल पुष्टि नहीं की जा सकती।
जमीन से मिली ऐसी वस्तु पर कानून क्या कहता है?
भारत में जमीन के अंदर छिपी मूल्यवान वस्तुओं को लेकर Indian Treasure-Trove Act, 1878 में प्रावधान हैं। कानून में “treasure” को जमीन में छिपी मूल्यवान वस्तु के रूप में परिभाषित किया गया है। धारा 4 के तहत ₹10 से अधिक मूल्य का treasure मिलने पर खोजकर्ता को यथाशीघ्र कलेक्टर को लिखित सूचना देने का प्रावधान है। कानून में सूचना देने के साथ वस्तु की प्रकृति, अनुमानित मूल्य, मिलने की जगह और तारीख की जानकारी देने तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे सुरक्षित रखने का प्रावधान भी है।
झारखंड में भी ऐसे मामलों में कानून लागू हुआ है
यह सिर्फ किताबों में मौजूद प्रावधान नहीं है। झारखंड में जमीन की खुदाई के दौरान प्राचीन मूर्तियां मिलने के मामलों में Indian Treasure-Trove Act, 1878 के तहत कार्रवाई हुई है।झारखंड हाई कोर्ट के 2024 के एक मामले में गिरिडीह के मधुबन में खुदाई के दौरान 19 जैन तीर्थंकर प्रतिमाएं मिलने और उनके संबंध में Treasure-Trove Act के तहत शुरू हुई कार्यवाही का उल्लेख है। इसलिए रमना में मिली तिजोरी के मामले में भी उसकी प्रकृति, उम्र, अंदर की सामग्री और संभावित ऐतिहासिक महत्व की जांच के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
अगर तिजोरी में पुरानी ऐतिहासिक वस्तु निकली तो?
यदि जांच में तिजोरी या उसके भीतर मिली वस्तु ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व की पाई जाती है तो उस पर Antiquities and Art Treasures Act, 1972 समेत संबंधित कानून लागू हो सकते हैं। इस कानून में “antiquity” के तहत कई प्रकार की ऐतिहासिक, कलात्मक या सांस्कृतिक वस्तुओं को शामिल किया गया है और कुछ श्रेणियों के लिए 100 वर्ष की अवधि का उल्लेख है।
इसका मतलब यह नहीं है कि जमीन से मिली हर 100 साल पुरानी वस्तु अपने-आप राष्ट्रीय धरोहर घोषित हो जाती है। उसकी वास्तविक प्रकृति और कानूनी स्थिति सक्षम प्राधिकरण की जांच के बाद तय होगी।
अभी तिजोरी पुलिस के कब्जे में
फिलहाल पुरानी लोहे की तिजोरी पुलिस की अभिरक्षा में है। उसके अंदर क्या है और यह जमीन के नीचे कब से दबी थी, इसकी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी।फिलहाल खजाना मिलने की चर्चाओं को आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। ऐसे में तिजोरी के अंदर सोना, चांदी या कोई अन्य कीमती सामान होने की बात को केवल कयास के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।












