झारखंड में महंगाई भत्ता पर बवाल: जानिये 18 महीने के DA को लेकर क्यों मचा बवाल? 50 लाख कर्मचारी और 69 लाख पेंशनभोगी क्यों आंदोलन पर हैं उतारू, जानिये पूरा मामला
झारखंड में 18 महीने के बकाया DA एरियर को लेकर कर्मचारी संगठनों ने आवाज उठाई। जनवरी 2020 से जून 2021 तक की तीन किस्तों के भुगतान की मांग तेज।

रांची। केंद्र सरकार ने कर्मचारियों व पेंशनर्स का महंगाई भत्ता 3 फीसदी बढ़ा दिया है। अब केंद्रीय कर्मचारियों को 63 प्रतिशत डीए मिलने लगा है। लेकिन झारखंड में केंद्रीय कर्मचारी व पेंशनर्स आंदोलन पर उतारू है। दरअसल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगी 18 महीने के बकाया महंगाई भत्ते (DA) को लेकर आक्रोशित हैं।
आपको बता दें कि जनवरी 2020 से जून 2021 तक रोकी गई महंगाई भत्ते की तीन किस्तों का एरियर जारी करने की मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। केंद्रीय कर्मचारी एवं अधिकारी परिसंघ, बिहार एवं झारखंड के अध्यक्ष डॉ. सहदेव राम ने केंद्र सरकार से लंबित एरियर का जल्द भुगतान करने की मांग की है।
डॉ. सहदेव राम ने शनिवार को रांची के डोरंडा स्थित मजिस्ट्रेट कॉलोनी में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनभोगी लंबे समय से अपने बकाया महंगाई भत्ते के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोविड महामारी के दौरान आर्थिक परिस्थितियों का हवाला देकर रोकी गई तीन किस्तों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
आखिर क्यों रोका गया था 18 महीने का महंगाई भत्ता?
दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने जनवरी 2020 से जून 2021 तक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत (DR) की तीन किस्तों को फ्रीज कर दिया था।
इस अवधि में जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 की किस्तों का भुगतान रोक दिया गया था। बाद में जुलाई 2021 से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी फिर शुरू हुई, लेकिन फ्रीज की गई अवधि का एरियर जारी नहीं किया गया।यही वजह है कि कर्मचारी संगठन लगातार 18 महीने के बकाया डीए और डीआर के भुगतान की मांग कर रहे हैं।
महंगाई बढ़ने से कर्मचारियों पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव
डॉ. सहदेव राम ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने खुदरा महंगाई दर के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जुलाई 2026 में महंगाई दर 4.45 प्रतिशत, अगस्त में 4.82 प्रतिशत और सितंबर में 5.54 प्रतिशत रही।
उन्होंने अक्टूबर में महंगाई दर छह प्रतिशत के पार जाने की आशंका भी जताई। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में जुलाई से केवल तीन प्रतिशत की वृद्धि किए जाने से कर्मचारियों और उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव बना हुआ है।कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के प्रभाव से राहत देने के लिए दिया जाता है। ऐसे में पुराने बकाये का भुगतान भी जरूरी है।
GST से बढ़ी सरकार की कमाई, फिर एरियर भुगतान में परेशानी क्यों?
डॉ. सहदेव राम ने सरकार के राजस्व संग्रह का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जीएसटी से सरकार को 11.78 लाख करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। यह पिछले वर्ष के 10.6 लाख करोड़ रुपये के अनुमान से करीब 11.3 प्रतिशत अधिक है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार की राजस्व प्राप्तियों में बढ़ोतरी हो रही है, तो फिर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के 18 महीने के बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है?उनका कहना है कि कर्मचारियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी सेवाएं जारी रखीं। ऐसे में उनके आर्थिक हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मंत्रियों और सांसदों की सुविधाओं में कटौती क्यों नहीं?
डॉ. सहदेव राम ने कोविड महामारी के दौरान हुए आर्थिक नुकसान और कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च को एरियर भुगतान नहीं करने का आधार बताए जाने पर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक व्यवधान का हवाला देकर कर्मचारियों का बकाया रोक रही है, लेकिन केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों की सुविधाओं में कटौती नहीं की जा रही है। देशभर में सरकारी सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के लंबित भुगतान पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए।
एकमुश्त भुगतान करने पर 34,402 करोड़ रुपये का पड़ेगा भार
बकाया महंगाई भत्ते के भुगतान को लेकर सरकार के सामने वित्तीय भार का मुद्दा भी है। डॉ. सहदेव राम के मुताबिक, जनवरी 2020 से जून 2021 तक के 18 महीने के एरियर का एकमुश्त भुगतान करने पर सरकारी खजाने पर करीब 34,402 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
कर्मचारी संगठनों का मानना है कि केंद्र सरकार को इस राशि के भुगतान के लिए रास्ता निकालना चाहिए। उनका कहना है कि लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उनका बकाया मिलना चाहिए।
क्या केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा 18 महीने के DA का एरियर?
फिलहाल कर्मचारी संगठनों की ओर से बकाया महंगाई भत्ते के भुगतान की मांग उठाई जा रही है। डॉ. सहदेव राम ने केंद्र सरकार से जनवरी 2020 से जून 2021 तक की तीन किस्तों का एरियर जल्द जारी करने की अपील की है।
हालांकि, कर्मचारियों को यह ध्यान रखना होगा कि मांग उठने और सरकार की ओर से भुगतान की आधिकारिक घोषणा होने में अंतर है। फिलहाल 18 महीने के बकाया डीए एरियर के भुगतान को लेकर किसी नई स्वीकृति या निश्चित भुगतान तिथि की पुष्टि नहीं हुई है।












