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CISF भर्ती में अब होने वाला है बड़ा बदलाव, फिजिकल टेस्ट के बाद अब इस टेस्ट को भी पास करना होगा जरूरी, सरकार ने की है तैयारी…

There is going to be a big change in CISF recruitment; after the physical test, it will now be necessary to pass this test as well; the government has made preparations...

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब नए उम्मीदवारों के साथ-साथ सेवारत जवानों और अधिकारियों का भी मानसिक परीक्षण किया जाएगा, ताकि उनके तनाव और निर्णय क्षमता का आकलन किया जा सके।
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CISF Recruitment Update : जवानों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति को देखते हुए एक बड़ा बदलाव की तैयारी है। खबर मिल रही है कि Central Industrial Security Force (सीआईएसएफ) में भर्ती प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब तक जहां भर्ती में शारीरिक दक्षता को प्राथमिकता दी जाती थी, वहीं अब मानसिक स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक क्षमता का परीक्षण भी अनिवार्य किया जा सकता है।

Ministry of Home Affairs इस दिशा में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत CISF  में न केवल नए भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों, बल्कि पहले से सेवारत अधिकारियों और जवानों को भी मानसिक जांच के दायरे में लाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बल में कार्यरत कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य का आकलन करना और उनमें अवसाद या तनाव के लक्षणों की समय रहते पहचान करना है।

अब नई प्रक्रिया के तहत ‘साइकोमैट्रिक टेस्ट’ को शामिल किया जाएगा। यह एक वैज्ञानिक मानसिक परीक्षण होता है, जिसके माध्यम से व्यक्ति की सोच, व्यवहार, निर्णय लेने की क्षमता और तनाव सहने की क्षमता का आकलन किया जाता है। सुरक्षा बलों में यह परीक्षण इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकिCISF जवानों को अक्सर कठिन परिस्थितियों में, परिवार से दूर और अत्यधिक दबाव में काम करना पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के परीक्षण से यह पता लगाया जा सकेगा कि उम्मीदवार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किस प्रकार प्रतिक्रिया देते हैं और कितनी संतुलित मानसिक स्थिति में निर्णय लेते हैं। इससे भविष्य में CISF जवान ड्यूटी के दौरान होने वाली मानसिक समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकेगा।

अब तक अर्धसैनिक बलों में भर्ती के दौरान मुख्य रूप से शारीरिक दक्षता, मेडिकल जांच और लिखित परीक्षा पर जोर दिया जाता था। लेकिन बदलते समय और बढ़ते तनावपूर्ण कार्य वातावरण को देखते हुए मानसिक फिटनेस को भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही कारण है कि अब ‘फिजिकल फिटनेस’ के साथ ‘मेंटल फिटनेस’ को भी अनिवार्य किया जा रहा है।

इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे CISF बल के भीतर कार्यक्षमता और अनुशासन में भी सुधार होने की उम्मीद है। मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित जवान बेहतर तरीके से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकते हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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